रक्सौल के ‘मौत के पुल’ पर बढ़ा जनता का आक्रोश, डॉ. गौतम ने प्रशासन को सौंपा समाधान का ब्लूप्रिंट
रक्सौल।(Vor desk)। शहर का कोइरिया टोला नहर चौक, जिसे अब स्थानीय लोग '5 करोड़ी पुल' के बजाय बदहाली का पर्याय मानने लगे हैं, पिछले कई वर्षों से जनता के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। निर्माणाधीन पुल की कछुआ चाल और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग मीडिया विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. गौतम कुमार ने रक्सौल अनुमंडल पदाधिकारी को एक लिखित सुझाव पत्र सौंपकर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ठोस समाधान की मांग की है।डॉ. गौतम ने अपनी शिकायत में रक्सौल की जनता के दर्द को साझा करते हुए कहा कि पिछले साल यह अधूरा पुल दानिश जावेद नामक युवक की जान ले चुका है,दर्जनों घायल हुए है । स्थिति इतनी विकट है कि आए दिन टेंपो और ई-रिक्शा पलटने से लोग लहूलुहान हो रहे हैं। चिलचिलाती धूप में घंटों जाम में फंसी जनता ब...









