‘सम्राट सरकार’ बनते ही भंग हुई तंत्र की तंद्रा: ‘नरबलिया पुल’ पर एक्टिव हुई ठेका कंपनी, जन-आक्रोश देख विधायक ने की मैराथन मीटिंग और स्थलगत निरीक्षण
रक्सौल (बिहार) , 16अप्रैल2026।(Vor desk)।रक्सौल के कोइरिया टोला नहर चौक पर बन रहा पांच करोड़ी हाई लेबल पुल विकास की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का ऐसा स्मारक बन चुका है, जिसने न केवल शहर की रफ्तार रोकी, बल्कि एक नौजवान की जिंदगी भी लील ली। बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने और भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार गठन ने आखिरकार एक साल से सोई ठेका कंपनी और अधिकारियों के हाथ-पाँव फुला दिए हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद करवाई के डर से 14 अप्रैल से काम में जो 'चुस्ती' दिखाई दे रही है, वह सुधार कम और 'लीपापोती' ज्यादा नजर आ रही है।हालाकि,निर्माण के कारण आवाजाही प्रभावित होने और जन नाराजगी के बाद इस मामले पर क्षेत्रीय विधायक प्रमोद सिन्हा एक्टिव नजर आए।उन्होंने पुल निर्माण का स्थलगत निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य जल्द पूर्ण कराने,आवाजाही व्यवस्थित करने,जाम मुक...









