तपती दुपहरी, मासूम के आंसू और खाकी का सुकून: रक्सौल में मानवता ने जीती गर्मी से जंग
रक्सौल ।(Vor desk)।सीमावर्ती रक्सौल की झुलसा देने वाली भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच मंगलवार को एक मां की ममता उस वक्त बीच सड़क पर नीलाम होने से बच गई, जब उसका चार साल का मासूम 'कान्हा' भीड़ में कहीं खो गया। पश्चिम चंपारण के भैरोगंज से एक शादी समारोह में शामिल होने आए इस परिवार के लिए खुशी का माहौल पल भर में मातम जैसी विवशता में बदल गया। पारा 40 डिग्री के पार था, सड़कें तप रही थीं और लू के थपेड़े बड़ों को बेहाल कर रहे थे, ऐसे में एक चार साल के बच्चे का नंगे पैर या बिना किसी सहारे के ब्लॉक रोड की सड़क में भटकना किसी अनहोनी की आहट जैसा था।
उस भीषण गर्मी में जब प्यास और डर से मासूम का गला सूख रहा था और वह बेतहाशा रोते हुए अपनी मां को ढूंढ रहा था, तब रक्सौल रेल पुलिस उसके लिए देवदूत बनकर सामने आई। स्थानीय लोगों की सजगता और रेल थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर पवन कुमार की तत्परता न...









