
बॉर्डर के विकास पर बिहार प्रशासन का रहा फोकस,बनी राजनीति
11आतंकियों के भारत प्रवेश के इनपुट परबएसएसबी सहित सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
रक्सौल।(Vor desk), 18अप्रैल 2026।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और सीमा विकास को ले कर केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार सरकार के उच्चाधिकारियों ने पूर्वी चंपारण के रक्सौल में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी मुख्यालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने संयुक्त रूप से की।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार चौधरी, एसटीएफ के महानिदेशक कुंदन कृष्णन, एसएसबी के उप महानिरीक्षक (बेतिया) हरि प्रकाश, 47वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय पांडेय, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, रक्सौल के एसडीएम मनीष कुमार तथा एसडीपीओ मनीष आनंद सहित चंपारण रेंज के एसएसबी कमांडेंट और गृह विभाग व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में भारत-नेपाल सीमा की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, अंतर-एजेंसी समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और अवैध गतिविधियों की रोकथाम पर गहन चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संदिग्ध आतंकियों,घुसपैठियों की पहचान और धरपकड़ के लिए तकनीकी तथा जमीनी खुफिया तंत्र के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाए। सीमा पर चौबीसों घंटे निगरानी, हर आने-जाने वाले व्यक्ति और वाहन की सघन जांच तथा अनधिकृत रास्तों पर गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए।
समीक्षा के दौरान नो-मैन्स लैंड और सीमा से 0–15 किलोमीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की प्रगति, सीमा स्तंभों की स्थिति, सीमावर्ती अपराधों का विश्लेषण, फर्जी आधार कार्ड के मामलों, नकली भारतीय मुद्रा (FICN), साइबर फ्रॉड तथा अवैध विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर भी विस्तार से विचार किया गया। साथ ही, विदेशी फंडिंग से संचालित संदिग्ध संस्थाओं की निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिला प्रशासन, पुलिस, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर संयुक्त गश्त और रात्रि कैंप को निरंतर जारी रखा जाए, ताकि सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। नेपाल के मौजूदा हालात को देखते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।

विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डा परियोजना के लिए अतिरिक्त 139 एकड़ भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ के तहत 12 गांवों का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। 125 योजनाओं में से 90 का प्राक्कलन और डीपीआर तैयार है, जबकि 74 योजनाएं पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं। जीविका समूहों के माध्यम से डेयरी, बकरी पालन, मछली पालन और पोल्ट्री जैसे स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत 90 लाभुकों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की गई है।
मुख्य सचिव ने एसएसबी और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सीमा सुरक्षा में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी एजेंसियों को समन्वित और सतर्क रहकर देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
