रक्सौल में दवा दुकानों की बंदी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, जीवन रक्षक दवाओं के लिए नेपाल पहुंचे मरीज
ई-फार्मेसी और कॉरपोरेट दबाव के खिलाफ दवा व्यवसायियों का राष्ट्रव्यापी विरोध
रक्सौल।(Vor desk)। सीमावर्ती शहर रक्सौल में मंगलवार को दवा की थोक और खुदरा दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला। दवा व्यवसायियों की शीर्ष संस्था ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित इस बंदी का असर शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों और दवा मंडियों में साफ दिखाई दिया।
ऑनलाइन दवा बिक्री यानी ई-फार्मेसी और बड़े कॉरपोरेट घरानों के बढ़ते प्रभाव के विरोध में आयोजित इस बंदी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर जीवन रक्षक दवाओं की जरूरत वाले मरीजों के लिए स्थिति अधिक गंभीर बनी रही। शहर के सरकारी अस्पताल के सामने स्थित आधा दर्जन से अधिक दवा दुकानों के साथ-साथ जन औषधि केंद्र का शटर...









