रक्सौल विधानसभा: दल-बदल, मान-मनौवल और त्रिशंकु संघर्ष का महासंग्राम!
रक्सौल।(Vor desk)।बिहार विधानसभा चुनाव की रणभूमि में, रक्सौल सीट इस समय गठबंधनो की एकजुटता और रूठे हुए अपनों को मनाने की सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले, एनडीए और इंडिया गठबंधन के भीतर का असंतोष निर्णायक साबित हो सकता है। यह केवल वोटों की नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों के लिए अपने दल-जमात को सहेज कर रखने और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है।
एनडीए की अग्निपरीक्षा: भीतरघात का खतरा और प्रतिष्ठा दांव पर
लगातार छह कार्यकाल से काबिज भाजपा के लिए यह चुनाव केवल सीट बचाने की नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक एकता को सिद्ध करने की चुनौती है। सीटिंग विधायक सह एनडीए समर्थित उम्मीदवार प्रमोद सिन्हा की राह में विपक्षी गठबंधन से ज्यादा खतरा भीतरघात का है। पश्चिम चंपारण के सांसद और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल की प्रतिष्ठा सीधे दांव पर है, क्योंकि ...









