Wednesday, March 11

रक्सौल आसपास

रक्सौल पुलिस ने बैरगनिया में की बड़ी कार्रवाई: रक्सौल में पकड़े गए कुणाल कुमार के निशानदेही पर 2610 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त,अंतर-जिला रैकेट का पर्दाफाश!

रक्सौल पुलिस ने बैरगनिया में की बड़ी कार्रवाई: रक्सौल में पकड़े गए कुणाल कुमार के निशानदेही पर 2610 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त,अंतर-जिला रैकेट का पर्दाफाश!

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल/बैरगनिया।(Vor desk)।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले, पूर्वी चंपारण की रक्सौल पुलिस ने सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए न केवल भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप बरामद की, बल्कि एक अंतर-जिला तस्करी रैकेट का भी पर्दाफाश किया। रक्सौल डीएसपी मनीष आनंद के नेतृत्व और निर्देशन में पहले रक्सौल में हुई गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद मिले इनपुट के आधार पर यह छापेमारी सीतामढ़ी के बैरगनिया तक पहुंची, जहाँ पुलिस ने स्थानीय बैरगनिया थाने के सहयोग से यह बड़ी कार्रवाई की।रक्सौल थाना के इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार और अनि जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बड़ी संख्या में एसएसबी जवानों के साथ बैरगनिया में दबिश दी। दंडाधिकारी सह सीओ रंजीत कुमार की उपस्थिति में, टीम ने पटेल चौक स्थित हनुमान मेडिको के मालिक गौरव कुमार और उनके एक स्टाफ को हिरासत में लिया। इसके ...
47वीं वाहिनी एसएसबी ने मनाया सरदार पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस,जवानों ने लिया ‘एक भारत,श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प!

47वीं वाहिनी एसएसबी ने मनाया सरदार पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस,जवानों ने लिया ‘एक भारत,श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प!

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एस.एस.बी.), रक्सौल (बिहार) में राष्ट्रीय एकता की भावना का भव्य प्रदर्शन किया गया।वाहिनी मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में कमांडेंट संजय पाण्डेय के नेतृत्व में सभी उपस्थित अधिकारियों और बलकार्मिकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने की एकता शपथ ली। यह शपथ सरदार पटेल के दूरदर्शी प्रयासों और भारत को एक सूत्र में पिरोने के उनके अमूल्य योगदान को याद करने का संकल्प थी। शपथ ग्रहण समारोह के तत्काल बाद, राष्ट्रीय एकता और फिटनेस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वाहिनी के कार्य क्षेत्र में 'साइक्लोथॉन' का आयोजन किया गया। कमांडेंट संजय पाण्डेय सहित सभी बलकार्मिकों ने इस साइक्लोथॉन में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो देश की सामूहि...
​🌍 लंदन में गूंजी ‘छठी मईया’ की जयकार: अप्रवासी बिहारियों ने सात समंदर पार संजोई सांस्कृतिक विरासत, रक्सौल की बेटी ने छठ पूजा में मांगी बिहार में ‘गुड गवर्नेस वाली सरकार’ की मन्नत!

​🌍 लंदन में गूंजी ‘छठी मईया’ की जयकार: अप्रवासी बिहारियों ने सात समंदर पार संजोई सांस्कृतिक विरासत, रक्सौल की बेटी ने छठ पूजा में मांगी बिहार में ‘गुड गवर्नेस वाली सरकार’ की मन्नत!

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
​रक्सौल।(बिहार)।(Vor desk)। भारतीय संस्कृति और परंपरा का विस्तार अब सात समंदर पार भी अपनी जड़ें जमा रहा है। इसी की एक अनुपम मिसाल लंदन के ब्रिस्टल में देखने को मिली, जहां बिहार के रक्सौल की बेटी, शीला गुप्ता ने अपने परिवार और अन्य भारतीय अप्रवासियों के साथ मिलकर पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा मनाई। पिछले लगभग पंद्रह वर्षों से लंदन में रहने वाले करीब दस भारतीय परिवार (जिनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश मूल के लोग शामिल हैं) इस महापर्व को एक साथ मनाते आ रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि भारतीय diaspora (प्रवासी समुदाय) अपनी जड़ों को कितना महत्व देता है। ​शीला गुप्ता, जो लंदन के ब्रिस्टल में अपने छोटे बेटे रमन कुमार (एयरबस कंपनी में मैकेनिकल इंजीनियर) और बहू मिनी कुमारी (साइंटिस्ट) के साथ रहती हैं, बिहार की समृद्ध विरासत और ...
🇮🇳🇳🇵 आस्था का सेतु और सामाजिक समरसता का पर्व छठ पूजा : रक्सौल-बीरगंज सीमा पर उदित सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महा पर्व हुआ संपन्न

🇮🇳🇳🇵 आस्था का सेतु और सामाजिक समरसता का पर्व छठ पूजा : रक्सौल-बीरगंज सीमा पर उदित सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महा पर्व हुआ संपन्न

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)।​इस वर्ष छठ महापर्व ने रक्सौल और बीरगंज सीमा क्षेत्र में भारत-नेपाल की अटूट सांस्कृतिक साझेदारी का एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर सामाजिक समरसता और मैत्री का सेतु बन गया।​रक्सौल-बीरगंज को जोड़ने वाले मैत्री पुल के नीचे निर्मित कस्टम छठ घाट इसकी सबसे बड़ी मिसाल बना, जहाँ सरिसवा नदी के दोनों किनारों पर पूजा आयोजित हुई। भारतीय नागरिकों ने रक्सौल कस्टम चेकपोस्ट घाट पर व्रत किया, वहीं नदी के ठीक उस पार नो मेन्स लैंड एरिया में पर्सा जिला बीरगंज के नेपाली कस्टम क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भी पूरी निष्ठा से छठ व्रत रखा। दोनों ओर के व्रतियों और श्रद्धालुओं को चचरी पुल ने जोड़ा, जिसने उन्हें एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देने और अपनी सदियों पुरानी परम्परा को अक्षुण्ण रखने में सहायता की। स्थानीय पार्षदों और नागरिकों ने इस बात की पुष्टि की कि...
☀️ वीरगंज में नेपाली सेना द्वारा छठी माई को पहली सलामी, छठ पर्व बना ऐतिहासिक!

☀️ वीरगंज में नेपाली सेना द्वारा छठी माई को पहली सलामी, छठ पर्व बना ऐतिहासिक!

नेपाल, ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
voiceofraxaul.com रक्सौल /वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल के वीरगंज में इस वर्ष का छठ पर्व एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बना, जब नेपाली सेना ने पहली बार छठी माई और सूर्य भगवान को सलामी दी। छठ पर्व के मुख्य दिन, यानी संध्या अर्घ्य के अवसर पर, वीरगंज महानगरपालिका के वार्ड नंबर-10 स्थित घडिअर्वा छठघाट पर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सामान्य तौर पर, नेपाली सेना में केवल दशैं (दशहरा) के सप्तमी के दिन ही नवदुर्गा भवानी को सलामी देने की परंपरा रही है। लेकिन इस बार, वीरगंज के श्रीपुर में स्थित श्री श्रीजंग गण के सैनिकों की एक टुकड़ी ने छठघाट पर सूर्य भगवान के मंदिर के सामने पहुँचकर सलामी दी।यह अभूतपूर्व कदम घडिअर्वा छठ पूजा व्यवस्थापन समिति के विशेष आग्रह पर उठाया गया। श्री श्रीजंग गण के प्रमुख सेनानी लोकेन्द्र कार्की ने बताया कि छठ पर्व के प्रति आस्था और इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है, औ...
✍️ आस्था का अटूट बंधन और प्रदूषित सरिसवा का सवाल….आखिर कब जगेंगे रक्सौलवासी?

✍️ आस्था का अटूट बंधन और प्रदूषित सरिसवा का सवाल….आखिर कब जगेंगे रक्सौलवासी?

नेपाल, ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)।लोक आस्था का महापर्व छठ एक बार फिर यह साबित कर गया कि जनमानस की श्रद्धा और निष्ठा के आगे हर व्यवधान छोटा पड़ जाता है। सरिसवा के तट पर बसे सीमावर्ती नगर रक्सौल में, जहाँ भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य देने के लिए बीस छोटे-बड़े घाटों—आश्रम रोड घाट से लेकर सूर्य मंदिर घाट तक—को दुल्हन की तरह सजाया गया, वहाँ एक ओर जहाँ सामुदायिक सद्भाव और आस्था का जनसैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर एक गंभीर चुनौती ने प्रशासन और नागरिकों दोनों की चिंता बढ़ा दी।वह चुनौती है, सरिसवा नदी के जल का प्रदूषण।यह पर्व प्रकृति और जल की पवित्रता को समर्पित है, किंतु जब व्रतियों को अपने आराध्य को अर्घ्य देने के लिए घरों की छतों या वैकल्पिक मंदिरों का सहारा लेना पड़े, तो यह स्पष्ट संकेत है कि हमने अपनी सदानीरा नदियों की अनदेखी की है। यह हृदय विदारक है कि एक ओर आस्था का इतना बड़ा पर्व है, और दूसरी ओर हमारी जीवन...
रक्सौल में छठ महापर्व का उत्साह: आस्था के मुख्य केंद्रों पर प्रशासन अलर्ट, प्रदूषण के कारण कई व्रतियों ने घरों में दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य!

रक्सौल में छठ महापर्व का उत्साह: आस्था के मुख्य केंद्रों पर प्रशासन अलर्ट, प्रदूषण के कारण कई व्रतियों ने घरों में दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य!

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)।​लोक आस्था का महापर्व छठ रक्सौल में अपने चरम पर है, जहाँ अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अब सभी व्रती और श्रद्धालुगण कल सुबह उगते सूर्य के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रक्सौल में मुख्य रूप से आश्रम रोड घाट, कस्टम चेक पोस्ट घाट, भकुआ ब्रह्मबाबा घाट, कौड़ीहार घाट, त्रिलोकी नाथ मंदिर घाट, बाबा मठिया घाट और सूर्य मंदिर घाट समेत छोटे-बड़े कुल बीस छठ पूजा घाट हैं। बाबा मठिया पर बना सूर्य देव की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र है,वहीं,सूर्य मंदिर घाट पर चुनाव जागरूकता को ले कर सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेने की होड़ रही। इन सभी घाटों को इस महापर्व के लिए बड़े ही आकर्षक ढंग से सजाया और संवारा गया है। ​ हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ हर घाट पर मौजूद र...
बिहार-नेपाल सीमा पर छठ पर्व की भव्य तैयारी: रक्सौल-बीरगंज में सांस्कृतिक एकता का अद्भुत नज़ारा होगा प्रस्तुत

बिहार-नेपाल सीमा पर छठ पर्व की भव्य तैयारी: रक्सौल-बीरगंज में सांस्कृतिक एकता का अद्भुत नज़ारा होगा प्रस्तुत

नेपाल, ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार और नेपाल की सीमा पर स्थित रक्सौल और वीरगंज में छठ पर्व को लेकर भव्य तैयारी चल रही है।सीमा पर दोनों ओर के नागरिक मिल जुल कर पर्व मनाते हैं और साझा संस्कृति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। यह पर्व  27 और 28 अक्टूबर को मनाया जाएगा।इस अवसर पर एक बार फिर भारत और नेपाल के बीच सदियों पुरानी सांस्कृतिक, धार्मिक एकरूपता और साझा परम्पराओं का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करेगा। सरिसवा नदी के तट पर, रक्सौल और बीरगंज की सीमा को जोड़ने वाले मैत्री पुल के नीचे स्थित कस्टम छठ घाट इसकी तैयारी का केंद्र बिंदु बना हुआ है। इस घाट पर भारत और नेपाल दोनों देशों के हजारों व्रती मिलकर सूर्य देव की आराधना करेंगे। नदी के दोनों छोर पर पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जहाँ दोनों देशों के लोग एक साथ व्रत रखकर अर्घ्य देंगे। रक्सौल कस्टम चेकपोस्ट घाट पर भारतीय नागरिक जुटेंगे, तो वहीं...
रक्सौल छठ पूजा: नगर परिषद ने किया व्रतियों की सुविधा के लिए तीन ‘मोबाइल टॉयलेट वैन’ की तैनाती

रक्सौल छठ पूजा: नगर परिषद ने किया व्रतियों की सुविधा के लिए तीन ‘मोबाइल टॉयलेट वैन’ की तैनाती

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
रक्सौल।(Vor desk)।लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर रक्सौल नगर परिषद ने इस बार एक प्रगतिशील और व्रती-केंद्रित निर्णय लिया है। शहर के लगभग बीस प्रमुख घाटों पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ और ख़ासकर महिला श्रद्धालुओं की स्वच्छता एवं सुविधा को देखते हुए, परिषद ने पहली बार तीन 'मोबाइल टॉयलेट वैन' की व्यवस्था की है।नगर परिषद की यह पहल छठ व्रतियों और उनके साथ आने वाले आमजनों के लिए एक बड़ी राहत है, जो भीड़भाड़ वाले घाटों पर अक्सर सार्वजनिक शौचालय की कमी महसूस करते थे।कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी दी कि इन विशेष मोबाइल टॉयलेट को शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण छठ घाटों पर तैनात किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बुजुर्ग व्रतियों को स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहाँ स्थायी सार्वजनिक शौचालय दूर हैं।कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के निर्देशा...
भारत-नेपाल की साझा आस्था का केंद्र: वीरगंज के घरीहरवा पोखरी में छठ की अभूतपूर्व तैयारी, जुटेंगे लाखों श्रद्धालु

भारत-नेपाल की साझा आस्था का केंद्र: वीरगंज के घरीहरवा पोखरी में छठ की अभूतपूर्व तैयारी, जुटेंगे लाखों श्रद्धालु

ब्रेकिंग न्यूज़, रक्सौल आसपास, सीमांचल
वीरगंज।(नेपाल)।(Vor desk)। नेपाल की वाणिज्यिक राजधानी वीरगंज में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारी अपने चरम पर है, जहां का घरीहरवा पोखरी और उसमें बना सूर्य मंदिर भारत-नेपाल के सदियों पुराने साझा संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक बन गया है। छठ पूजा नजदीक आते ही यह पूरा परिसर 'हे छठी मईया' और 'उग हो सूरज देव' जैसे पारंपरिक भोजपुरी-मैथिली गीतों से गुंजायमान हो रहा है।मधेश प्रदेश में सबसे प्रसिद्ध और भव्य माने जाने वाले इस छठ आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से सजावट का काम चल रहा है। पारंपरिक तौर पर कोलकाता से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और बिजली-बत्ती से पूरे पोखरी को सजाया जा रहा है। श्री सोप्ता बनाने से लेकर रंग-रोगन तक की कवायद अंतिम चरण में है, जिस पर लगभग 22लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत-नेपाल ...
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