
डीआईजी हरि प्रकाश समेत प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों ने किया उद्घाटन, ‘मां का घर’ की सेवा भावना को सराहा
रक्सौल।(Vor desk)।
रक्सौल अनुमंडल के कनना स्थित माहेर ममता निवास में रविवार को नवनिर्मित चार सेवा भवनों का लोकार्पण प्रशासनिक, न्यायिक एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी में गरिमामय समारोह के बीच संपन्न हुआ। वर्षों से असहाय, निराश्रित, दिव्यांग, मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं परिवार से बिछड़ी महिलाओं की सेवा में जुटी संस्था के लिए यह अवसर ऐतिहासिक और भावनात्मक रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएसबी, बेतिया के डीआईजी हरि प्रकाश, 47वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. निशिकांत कुमार, कार्यवाहक कमांडेंट संजय रावत, अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, एसडीपीओ मनीष आनंद, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार, भूमि पत्तन (लैंड पोर्ट) रक्सौल के प्रशासक कुमार राजीव रंजन, सब जज-1 सुष्मिता कुमारी तथा माहेर की संस्थापक निदेशक सिस्टर लूसी कूरियन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सर्वधर्म प्रार्थना, गणेश वंदना एवं स्वागत भाषण के साथ समारोह की शुरुआत हुई।
इस दौरान अतिथियों ने सेवाधाम, ममता निवास, रोशनी निवास और अपना निवास नामक चार नए भवनों का लोकार्पण किया। सिस्टर लूसी कूरियन ने सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, शॉल एवं स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिस्टर लूसी कूरियन ने जबकि संचालन स्थानीय प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने किया।
समारोह को संबोधित करते हुए डीआईजी हरि प्रकाश ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर एवं उपेक्षित वर्ग की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है। माहेर ममता निवास का नया भवन असहाय महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
एसडीओ मनीष कुमार ने कहा कि नए भवन के निर्माण से संस्था की सेवाएं और प्रभावी होंगी तथा जरूरतमंद महिलाओं को बेहतर देखभाल एवं संरक्षण मिलेगा। एसडीपीओ मनीष आनंद ने कहा कि ऐसी संस्थाएं समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करती हैं और सभी को इनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। लैंड पोर्ट रक्सौल के प्रशासक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि संवेदनशील समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम जरूरतमंदों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं। माहेर ममता निवास सेवा, करुणा और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वक्ताओं ने कहा कि माहेर ममता निवास उन गरीब, असहाय, लाचार, दिव्यांग, मानसिक रूप से अस्वस्थ तथा परिवार से बिछड़े लोगों को आश्रय देता है, जिनका कोई सहारा नहीं होता। संस्था उन्हें निःशुल्क भोजन, वस्त्र, दवा, चिकित्सा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराती है। उपचार के बाद उनके परिजनों से संपर्क कर पुनर्मिलन का प्रयास किया जाता है। जिन लोगों को परिवार स्वीकार नहीं करता, उनके लिए माहेर ही स्थायी घर बन जाता है। यही कारण है कि इसे लोग “मां का घर” भी कहते हैं।
संस्थापक निदेशक सिस्टर लूसी कूरियन ने बताया कि माहेर संस्था पिछले 30 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में कार्यरत है तथा वर्तमान में देश के सात राज्यों में इसकी 73 शाखाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्ष पूर्व इस भवन का भूमि पूजन हुआ था और अब भवन निर्माण पूरा होने से संस्था को स्थायी आधार मिलने के साथ सेवा कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने सभी सहयोगियों एवं समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सबके सहयोग से यह सपना साकार हो सका है। उल्लेखनीय है कि सिस्टर लूसी कूरियन को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूर्व राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। समारोह में डीआईजी हरि प्रकाश ने उन्हें सम्मान-पत्र देकर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर रक्सौल थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो, हरैया थानाध्यक्ष किशन पासवान, समाजसेवी महेश अग्रवाल, वार्ड पार्षद सोनू गुप्ता,रजनीश प्रियदर्शी, विमल कुमार सर्राफ, सुनील कुमार, उमेश सिकारिया, नीतेश कुमार सिंह, विजय कुमार, विनोद रौनियार, राजकुमार गुप्ता, दिनेश गुप्ता, रणजीत सिंह, शारदा कला केंद्र की निदेशिका शिखा रंजन, सोनू काबरा, सरोज गिरी, लायंस क्लब ऑफ मेट्रो सिटी वीरगंज (नेपाल) की अध्यक्षा लायन पिया सिंह, संयुक्त सचिव लायन प्रसिद्धि आनंद सिंह, काली सेना की पार्वती तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
