
संसदीय समिति ने किया निरीक्षण, 24 घंटे प्रवेश द्वार खोलने की मांग; खाद की आपूर्ति और मालगाड़ियों के परिचालन को सुगम बनाने पर जोर
रक्सौल।(Vor desk)। भारत से नेपाल और तीसरे देशों तक होने वाले व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वीरगंज के शुष्क बंदरगाह (ड्राई पोर्ट) और एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) की व्यवस्था सुधारने की पहल तेज हुई है। नेपाल की प्रतिनिधि सभा की आधारभूत संरचना विकास समिति ने दोनों केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर माल ढुलाई, रेल परिचालन, सीमा शुल्क प्रक्रिया और प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की। समिति ने व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया।
समिति सभापति आशिष गजुरेल के नेतृत्व में पहुंची टीम में बारा के सांसद इंजीनियर अरविंद साह भी शामिल थे। टीम ने दोनों केंद्रों के भौतिक बुनियादी ढांचे, संचालन प्रक्रिया और सेवा प्रवाह की जानकारी ली। भारत-नेपाल व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण इन केंद्रों की कार्यक्षमता का असर सीमा पार माल की आवाजाही और आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ता है।
हर महीने 110 मालगाड़ियां, प्रतिदिन 800 मालवाहक वाहन
अधिकारियों के अनुसार, वीरगंज स्थित ड्राई पोर्ट पर औसतन हर महीने 110 मालगाड़ियां पहुंचती हैं, जबकि आईसीपी से प्रतिदिन करीब 800 मालवाहक वाहन गुजरते हैं। इन आंकड़ों से नेपाल के आयात-निर्यात में वीरगंज की अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। भारतीय रेलमार्ग से पहुंचने वाले माल की निकासी और सीमा शुल्क प्रक्रिया में सुधार होने से दोनों देशों के व्यापारियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।
24 घंटे प्रवेश द्वार खोलने की मांग
निरीक्षण के दौरान पारवहन तथा गोदाम प्रबंधन कंपनी के सहायक प्रबंधक कमल ज्ञवाली, ड्राई पोर्ट संचालक कंपनी प्रिस्टिन वैली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव मोहन झा और आईसीपी संचालक कंपनी टीआरएस लजिपार्क के प्रबंधक गणेश प्रसाद घिमिरे समेत अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। संचालक कंपनियों ने बंदरगाहों के प्रवेश द्वार 24 घंटे खुला रखने की व्यवस्था करने का आग्रह किया। इस पर सभापति गजुरेल ने आवश्यक सहजीकरण के लिए सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक से अनुरोध किया।
खाद आयात की प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर
समिति ने रेल संबंधी बुनियादी ढांचे का प्रभावी उपयोग करने और माल ढुलाई को व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया। नेपाल में रासायनिक खाद की आपूर्ति में रेलमार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सभापति गजुरेल ने खाद आयात से जुड़ी सीमा शुल्क प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के निर्देश दिए। इससे खाद की ढुलाई और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीपीपी मॉडल के विस्तार की वकालत
इंटरमोडल परिवहन विकास समिति और पारवहन तथा गोदाम प्रबंधन कंपनी के एकीकरण के बाद दोनों केंद्रों का संचालन पारवहन तथा गोदाम प्रबंधन कंपनी के माध्यम से हो रहा है। समिति ने एकीकरण के बाद प्रबंधन की प्रभावशीलता और सेवा सुधार की संभावनाओं की भी समीक्षा की। सभापति गजुरेल ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी विस्तार दिया जाना चाहिए, ताकि निजी क्षेत्र की दक्षता, प्रबंधन क्षमता और निवेश का बेहतर उपयोग हो सके।
भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के बीच वीरगंज के इन केंद्रों की संचालन व्यवस्था में सुधार रक्सौल सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापार, परिवहन और माल निकासी से जुड़े कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण है।(रिपोर्ट:पीके गुप्ता)
