Wednesday, October 28

दीपावली पर चांदी की तस्करी तेज, दो दिनों में दो बड़ी खेप पकड़ी गई; रक्सौल के पांच लोग गिरफ्तार

नेपाल में 83 किलो से अधिक चांदी और चांदी आभूषण बरामद, कीमत 2.72 करोड़ रुपये से ज्यादा; वीरगंज-काठमांडू राजमार्ग समेत सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता

फोटो:वीरगंज काठमांडू राज मार्ग के थानकोट पुलिस चेक पोस्ट पर पकड़ा गया रक्सौल का युवक और बरामद चांदी,चांदी आभूषण

रक्सौल।(Vor desk)। दीपावली के त्योहार के बीच भारत-नेपाल सीमा पर चांदी की तस्करी के मामले सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पिछले दो  दिनों में नेपाल में चांदी और चांदी आभूषणों की दो बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। दोनों मामलों में रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र के लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पहली कार्रवाई में मकवानपुर जिले के हेटौंडा स्थित रातोमाटे चेकपोस्ट पर कार से 14 किलो 180 ग्राम चांदी के आभूषण और सिक्के बरामद किए गए। वहीं, दूसरी कार्रवाई में वीरगंज काठमांडू राजमार्ग अंतर्गत थानकोट पुलिस चेक पोस्ट से रक्सौल निवासी 19 वर्षीय अमन सर्राफ को 69 किलो 244 ग्राम चांदी के साथ गिरफ्तार किया गया है। दोनों मामलों में बरामद चांदी का कुल वजन 83 किलो 424 ग्राम है।  उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहली खेप का मूल्य 40,69,661 नेपाली रुपये और दूसरी खेप का मूल्य करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये बताया गया है।

इन लगातार हुई कार्रवाइयों के बाद वीरगंज-काठमांडू राजमार्ग सहित सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि, इन घटनाओं ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।

कार की डिक्की में बनाया था गुप्त तहखाना

नेपाल के मकवानपुर जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, 25 अक्टूबर को दोपहर हेटौंडा उपमहानगरपालिका-15 स्थित रातोमाटे चेकपोस्ट पर नियमित वाहन जांच के दौरान बा.3 च. 7079 नंबर की कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में विशेष रूप से बनाया गया गुप्त तहखाना मिला। इसमें प्लास्टिक की थैलियों में छिपाकर रखे गए 14 किलो 180 ग्राम चांदी के आभूषण और सिक्के बरामद किए गए।

इस मामले में पूर्वी चंपारण के रक्सौल अनुमंडल अंतर्गत रामगढ़वा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी 50 वर्षीय रमेश कुमार साह सोनार, उनकी 42 वर्षीय पत्नी चंदा देवी, 18 वर्षीय पुत्र अजित साह सोनार और 20 वर्षीय भांजी नंदनी कुमारी साह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, चांदी की खेप रक्सौल से काठमांडू ले जाई जा रही थी। बरामद चांदी के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई नेपाली कार भी जब्त की गई। चारों आरोपियों और जब्त वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बीरगंज स्थित सीमा शुल्क कार्यालय, पर्सा भेज दिया गया।

थानकोट में 69 किलो से अधिक चांदी बरामद

दूसरी कार्रवाई में वीरगंज काठमांडू राजमार्ग में उपत्यका अपराध अनुसंधान कार्यालय की टीम ने सोमवार को थानकोट चेक पोस्ट एरिया से रक्सौल निवासी 19 वर्षीय अमन सर्राफ को गिरफ्तार किया। उसके पास से विभिन्न प्रकार के चांदी के आभूषण बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 69 किलो 244 ग्राम बताया गया है।

अपराध अनुसंधान कार्यालय के एसपी रामेश्वर कार्की के अनुसार, बरामद आभूषणों के बिल नहीं मिलने के कारण मामले में कार्रवाई की गई। पुलिस ने अमन सर्राफ को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए एयरपोर्ट सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया है। बरामद चांदी का अनुमानित मूल्य करीब 2 करोड़ 32 लाख रुपये बताया गया है।

कड़ी सुरक्षा के बावजूद नेपाल कैसे पहुंच रही चांदी?

तीन दिनों के भीतर चांदी की दो बड़ी खेप पकड़े जाने से भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।नेपाल  सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल पुलिस, सीमा शुल्क विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं।भारत नेपाल सीमा पर भी कस्टम,इमिग्रेशन,एसएसबी,पुलिस की तैनाती है। सीमा पर नियमित जांच और निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में चांदी नेपाल तक कैसे पहुंच गई, यह जांच का अहम विषय है।

सवाल यह भी है कि क्या इन मामलों में केवल वाहक ही शामिल हैं या इनके पीछे संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा है। चांदी कहां से लाई गई, सीमा पार कराने में किन रास्तों का इस्तेमाल हुआ और खेप किसे सौंपी जानी थी, इन बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दीपावली के दौरान कीमती धातुओं की मांग बढ़ने के बीच इन घटनाओं ने सीमा पर निगरानी और जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत रेखांकित की है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इन बरामदगियों के जरिए तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंच पाती हैं या नहीं।

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