
दस हजार से अधिक पशु-पक्षियों की बलि का दावा, देर शाम तक चलता रहा अनुष्ठान; मंगलवार को होगी नवमी पूजा
रक्सौल।(Vor desk)। नेपाल के वीरगंज स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ गहवा माई मंदिर में महाअष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नेपाल और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने मां के दरबार में पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगीं। सप्तमी से शुरू हुआ दर्शन-पूजन और मां का खोइछा भरने का सिलसिला अष्टमी की देर शाम तक जारी रहा।

महाअष्टमी पर मंदिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मेला लगा। महिला श्रद्धालुओं ने संतान की सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और पति की दीर्घायु की कामना के साथ मां को चुनरी, पान-सुपारी, चूड़ी और फल-फूल अर्पित किए। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

देर शाम तक चला बलि देने का सिलसिला
महाअष्टमी पर मन्नत पूरी होने की मान्यता के तहत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पशु-पक्षियों की बलि दी। आयोजन से जुड़े विवरण के अनुसार, इस दौरान दस हजार से अधिक पशु-पक्षियों की बलि चढ़ाई गई। बलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे।

दो दिन महाअष्टमी, मंगलवार को नवमी पूजन
नेपाल में इस वर्ष बड़ादशैं पर्व के दौरान महाअष्टमी दो दिन पड़ने के कारण नवमी पूजन मंगलवार को किया जाएगा। नेपाल पंचांग निर्णायक विकास समिति के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार को महाअष्टमी के अनुष्ठान होंगे। इसके बाद मंगलवार को महानवमी की पूजा की जाएगी।
वीरगंज में विंध्यवासिनी माई का नवमी मेला भी मंगलवार को
वीरगंज स्थित प्रसिद्ध विंध्यवासिनी माई मंदिर में लगने वाला पारंपरिक नवमी मेला भी मंगलवार को आयोजित होगा। मंदिर से जुड़े पंडित पुरुषोत्तम उपाध्याय ने इसकी जानकारी दी।
महानवमी पर वीरगंज के बौद्धीमाई और बिर्तामाई मंदिरों के साथ बारा जिले के जीतपुर स्थित गढ़ीमाई तथा सीमावर्ती रक्सौल के मनसामाई मंदिर में भी मेले और विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा है। इस अवसर पर नेपाली सेना द्वारा शस्त्र पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है।
