
रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर जबरदस्त प्रहार किया है। नेपाल की सीमा से सटे संवेदनशील मैत्री पुल के पास एक ऐसा हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। नेपाल के रास्ते एक महिंद्रा जाइलो कार के भीतर चालाकी से बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की तस्करी की जा रही थी। लेकिन, रक्सौल पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की साझा सतर्कता ने तस्करों के इस नापाक मंसूबे पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
गुप्त सूचना पर कसी गई घेराबंदी इस पूरी कार्रवाई की पटकथा पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर लिखी गई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल की तरफ से मैत्री पुल के रास्ते एक संदिग्ध महिंद्रा जाइलो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर DL4CNB4636) में प्रतिबंधित और खतरनाक नशीली दवाओं की बड़ी खेप लाई जा रही है। इस सूचना को जैसे ही उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया, वैसे ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनीष आनंद के नेतृत्व में एक विशेष और त्वरित कार्यदल का गठन किया गया।
कार के पिछले हिस्से में मिला सीक्रेट तहखाना गठित संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए मैत्री पुल के पास वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी। जब संदिग्ध महिंद्रा जाइलो कार वहां पहुंची, तो उसे रोककर उसकी बारीकी से तलाशी ली गई। जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों के भी होश उड़ गए, जब उन्होंने पाया कि कार की पिछली सीट के नीचे एक बेहद शातिर तरीके से गुप्त तहखाना बनाया गया था। उसी तहखाने के भीतर दो बड़े सफेद कार्टून छिपाकर रखे गए थे। जब उन कार्टूनों को खोलकर देखा गया, तो उसमें से कुल 365 प्रतिबंधित NRX-Buprenorphine इंजेक्शन बरामद हुए। इनमें से 2 एमएल के 202 इंजेक्शन (बैच नंबर BUP326003) और 163 इंजेक्शन (बैच नंबर BUP326004) शामिल थे।
तीन शातिर तस्करों की गिरफ्तारी मौके पर मौजूद संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार में सवार तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ध्रुव यादव (36 वर्ष), चंद्रशेखर प्रसाद (38 वर्ष) और बुद्ध कुमार (27 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी पूर्वी चंपारण जिले के ही बंजरिया थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच हरैया थाना लाया गया, जहां उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस संयुक्त अभियान में शामिल रहे प्रमुख चेहरे इस सफल और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में एसडीपीओ मनीष कुमार आनंद के साथ-साथ अंचल पुलिस निरीक्षक रंजय कुमार, अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, एसएसबी 47वीं वाहिनी के निरीक्षक सामान्य चौथमल कुमावत और हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से नशा तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
