
रक्सौल।(Vor desk)। इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बसे रक्सौल शहर में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं के अवैध धंधे पर लगाम कसने के लिए औषधि विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया है। सहायक औषधि नियंत्रक उदय बल्लभ के मार्गदर्शन में अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस, रक्सौल डीएसपी और दंडाधिकारी की मौजूदगी में ब्लॉक रोड सहित विभिन्न दवा दुकानों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध दवा कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया।
छापेमारी के दौरान ब्लॉक रोड स्थित महावीर ड्रग एजेंसी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। जांच टीम ने मौके से नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली टेपेंटाडोल की 1,000 कार्टन और 218 बोतल कोडीन सिरप समेत अन्य नारकोटिक श्रेणी की दवाएं जब्त कीं। इन दवाओं के भंडारण और क्रय-विक्रय में सरकारी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्सौल थाना में दुकान संचालक ओमप्रकाश गुप्ता के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इसी कड़ी में अधिकारियों ने दुर्गा ड्रग पर भी कार्रवाई की। हालांकि वहां एनडीपीएस श्रेणी की दवाएं तो बरामद नहीं हुईं, लेकिन स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के कागजात और अन्य अभिलेखों में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम ने इसका विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सहायक औषधि नियंत्रक को सौंप दिया है।
कार्रवाई के बाद सहायक औषधि नियंत्रक उदय बल्लभ ने स्पष्ट संदेश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कोडीन सिरप और अन्य प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार व दुरुपयोग पर विभाग की पैनी नजर है। नियमों के खिलाफ काम करने वाले कारोबारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर राकेश सिंह, नारायण चौधरी, विवेक कुमार और विनीता कुमारी की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के बाद विभाग ने संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध दुकानों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
