
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल अनुमंडल अस्पताल के पिछले हिस्से में लंबे समय से चल रहे संदिग्ध जमावड़े और नशे की गतिविधियों की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 किशोरों व युवकों को पकड़ा। एक साथ इतनी संख्या में युवकों के पकड़े जाने से इलाके में खलबली मच गई। पुलिस ने सभी के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 128 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है।
थानाध्यक्ष रमेश कुमार महतो ने बताया कि पकड़े गए युवकों के माता-पिता से थाना में लिखित आश्वासन लेने के बाद उन्हें छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के सभी थानों को स्मैक सेवन करने वालों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
छापेमारी के बाद पसरा सन्नाटा
पुलिस की कार्रवाई के बाद अस्पताल के पिछले हिस्से में फिलहाल सन्नाटा है। हालांकि, वहां सिगरेट, गांजा, शराब की बोतलें, इस्तेमाल की गई नशीली दवाओं की सुइयां, कंडोम, माचिस की तीलियां समेत कई आपत्तिजनक सामान बिखरे मिले हैं। इससे अस्पताल परिसर के इस हिस्से में लंबे समय से असामाजिक गतिविधियों की आशंका को बल मिलता है।हालाकि,पुलिस ने नशे या आपत्तिजनक सामग्री बरामदगी की पुष्टि नहीं की है।
बाउंड्री नहीं होने से आसान है घुसपैठ
अस्पताल के पिछले हिस्से में बाउंड्री नहीं होने के कारण बाहरी लोगों का प्रवेश आसान है। स्थानीय स्तर पर यहां नशेड़ियों, संदिग्ध लोगों और अन्य असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायत लंबे समय से की जाती रही है। सिक्योरिटी गार्ड के पहुंचने पर कई बार लोग भाग जाते हैं और कुछ मामलों में सुरक्षा कर्मियों से उलझने की भी बात सामने आई है।
अस्पताल परिसर में पूर्व में जीविका दीदी की रसोई के शीशे तोड़ने तथा गैस सिलेंडर समेत अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से इन समस्याओं की सूचना पुलिस को पहले भी दी गई थी।
रोगी कल्याण समिति की बैठक में उठा था मामला
अस्पताल के पीछे बाउंड्री निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। हाल में रोगी कल्याण समिति की बैठक शासी निकाय के अध्यक्ष सह रक्सौल एसडीओ नागमणि कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बाउंड्री निर्माण कराने और सिक्योरिटी गार्ड की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय कुमार के अनुसार, असामाजिक तत्वों की आवाजाही और जमावड़े के कारण भर्ती मरीजों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी परेशानी होती रही है।
पुलिस कार्रवाई से मिली राहत
अनुमंडल अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन ने कहा कि पुलिस की छापेमारी के बाद अस्पताल के पिछले हिस्से में राहत मिली है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी इस समस्या को लेकर ध्यान आकृष्ट कराया गया था। रक्सौल प्रशासन की सक्रियता से फिलहाल असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगती दिख रही है। अस्पताल परिसर को सुरक्षित रखने के लिए पीछे की ओर बाउंड्री निर्माण जरूरी है।
