
मोतिहारी/रक्सौल।(Vor desk)। 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मोतिहारी-लखौरा मार्ग से 88 हजार रुपये की संदिग्ध जाली भारतीय मुद्रा बरामद की गई। मामले में दो संदिग्धों को पकड़ा गया है। बरामद नोटों में 500 रुपये के 176 नोट शामिल हैं। पुलिस और एसएसबी ने प्रारंभिक जांच में नोटों पर एक जैसी क्रम संख्या और प्रिंटिंग की गुणवत्ता फीकी होने जैसी विसंगतियां पाईं हैं। हालांकि, नोटों के जाली होने की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
एसएसबी के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन में सीमा चौकी महुअवा को सूचना मिली थी कि मोतिहारी से जाली भारतीय मुद्रा लेकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसएसबी ने लखौरा थाना पुलिस से संपर्क कर संयुक्त अभियान चलाया।
उपनिरीक्षक रिषभ सिंह रावत के नेतृत्व में एसएसबी के चार जवानों और बिहार पुलिस के एक अधिकारी व दो जवानों की संयुक्त टीम ने मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर नाका लगाया। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल को रोककर उस पर सवार दो लोगों से पूछताछ की गई।
पकड़े गए संदिग्धों की पहचान शेख नूर आलम (38), पिता शेख मुलाजिम, निवासी बसवरिया, थाना चिरैया और मो. इस्तकार (35), पिता मो. शफीक मियां, निवासी महुआवा, थाना चिरैया, पूर्वी चंपारण के रूप में हुई।
तलाशी में मिले 176 नोट
घटना की सूचना सदर मोतिहारी के अंचल अधिकारी सुनील कुमार को दी गई। उनकी मौजूदगी में दोनों की नियमानुसार तलाशी ली गई। इस दौरान शेख नूर आलम के पास से 500 रुपये के 176 नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 88 हजार रुपये है।
एसएसबी के अनुसार, नोटों की जांच में प्रिंटिंग गुणवत्ता फीकी होने और कई नोटों पर समान क्रम संख्या अंकित होने जैसी विसंगतियां मिलीं। इसके आधार पर मुद्रा के जाली होने का प्रथम दृष्टया संदेह जताया गया। बरामद मुद्रा को रात करीब 11:05 बजे जब्त किया गया।
जब्त मुद्रा और दोनों संदिग्धों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखौरा थाना को सौंपने की प्रक्रिया की गई। अधिकारियों के अनुसार, बरामद नोटों की वास्तविक प्रकृति और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच व विधिक प्रक्रिया के बाद होगी।
एसएसबी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी पर रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सूचना आधारित संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
