
रक्सौल।(Vor desk)। सीमा क्षेत्र के ड्रीम प्रोजेक्ट रक्सौल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के साथ अब इसके संचालन और यात्री सुविधाओं को लेकर जरूरी कवायद भी तेज होने लगी है। सचिव, सिविल विमानन विभाग, बिहार से प्राप्त पत्र के आलोक में शुक्रवार को मोतिहारी स्थित पूर्वी चंपारण समाहरणालय के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में रक्सौल एयरपोर्ट की यात्री क्षमता, सुविधाओं और माल ढुलाई (कार्गो) की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने की। इसमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) मुख्यालय, नई दिल्ली और कोलकाता एयरपोर्ट के सहायक महाप्रबंधक समेत विभिन्न विभागों और हितधारक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नई दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक कुमार आशीष ने बताया कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए यातायात संभावनाओं (ट्रैफिक पोटेंशियल) का विस्तृत अध्ययन कराया जा रहा है। प्रथम चरण का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का सर्वे जारी है। इसके तहत एयरपोर्ट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख राजमार्गों समेत विभिन्न स्थानों का सर्वे किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अध्ययन के दौरान रक्सौल एयरपोर्ट के संभावित कैचमेंट क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन, रेलवे, इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), सड़क परिवहन, शिक्षा, उद्योग एवं वाणिज्यिक निकाय, बस ऑपरेटर, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सहित अन्य पर्यटन स्थलों और संबंधित हितधारकों से यात्री व माल परिवहन से जुड़ा डेटा जुटाया जा रहा है।
यात्री के साथ कार्गो की संभावनाओं पर मंथन
बैठक में रक्सौल एयरपोर्ट के लिए संभावित यात्री संख्या, यात्री सुविधाओं, भविष्य की जरूरतों और माल ढुलाई (कार्गो) की संभावनाओं पर व्यापक विमर्श किया गया। विभिन्न विभागों और संस्थाओं ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी और सुझाव रखे। सभी हितधारकों ने कहा कि रक्सौल में बेहतर हवाई संपर्क शुरू होने से पर्यटन, उद्योग, व्यापार और निवेश को गति मिलेगी। इससे सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ क्षेत्र के समग्र विकास को भी बल मिलेगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक एनएचएआई, समादेष्टा 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल रक्सौल, समादेष्टा 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल पिपराकोठी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, प्रभारी पदाधिकारी जिला पर्यटन शाखा, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, राज्य कर संयुक्त आयुक्त मोतिहारी एवं रक्सौल, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद रक्सौल, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, स्टेशन अधीक्षक बापूधाम रेलवे स्टेशन मोतिहारी, प्रबंधक आईसीपी रक्सौल, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड मोतिहारी के प्रतिष्ठान अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, पूर्वी चंपारण एवं सदस्यगण तथा अध्यक्ष और सचिव, बस ऑनर संगठन, पूर्वी चंपारण भी बैठक में शामिल हुए।
जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा : डीएम
जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि रक्सौल एयरपोर्ट के विकास के लिए जिला प्रशासन से जिस भी सहयोग की अपेक्षा होगी, उसे तत्परता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने एयरपोर्ट के विकास से जुड़ी कवायद में सभी संबंधित विभागों के समन्वय पर जोर दिया।
बैठक के अंत में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से आए पदाधिकारियों ने अध्ययन और सर्वे कार्य में सहयोग के लिए पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ अब रक्सौल एयरपोर्ट के संचालन की संभावनाओं, यात्री क्षमता, सुविधाओं और कार्गो क्षमता का आकलन शुरू होना सीमा क्षेत्र के इस बहुप्रतीक्षित ड्रीम प्रोजेक्ट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
