
रक्सौल।(Vor desk)। शहर को जाम और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए रक्सौल प्रशासन और नगर परिषद ने सोमवार को संयुक्त रूप से व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। बाटा चौक से मस्जिद चौक तक चले इस अभियान में वर्षों से सड़क, नाले और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को जेसीबी, बॉबकैट मशीन और ट्रैक्टर की मदद से ध्वस्त किया गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई अतिक्रमणकारी अपना सामान समेटते नजर आए। अभियान में बीडीओ राजू कुमार, सीओ अरविंद कुमार, नगर परिषद के सिटी मैनेजर अविनाश कुमार राव, स्वच्छता पदाधिकारी कन्हैया यादव, सफाई निरीक्षक रामनरेश कुशवाहा सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
सूत्रों ने बताया कि मेन रोड स्थित सब्जी बाजार चौक और आसपास के इलाकों में नालों पर बने पक्के निर्माण, दुकानों के बाहर निकले अवैध छज्जे, चौकियां तथा अस्थायी ढांचों को मशीनों से हटाया गया। अभियान के दौरान सड़क पर खड़ी करीब आधा दर्जन बाइक, जिनमें नेपाली नंबर की मोटरसाइकिलें भी शामिल थीं, जब्त कर जेसीबी से थाना भेजी गईं। इस कार्य शैली से वाहन मालिकों में नाराजगी देखी गई।
सब्जी बाजार चौक पर कार्रवाई के दौरान आलू व्यापारियों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। आलू गद्दी व्यापारी सदरे आलम, सूरज कुमार और हबीबुल्ला ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस उनके आलू-प्याज सड़क पर फेंक दिए गए, जिससे लगभग 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ। व्यापारियों ने भेदभाव, गल्ला गायब होने और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि सिटी मैनेजर अविनाश कुमार राव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की पूर्व चेतावनी दी जा चुकी थी और अब किसी भी अतिक्रमणकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान के दौरान रेहड़ी-पटरी संचालकों सहित नियम उल्लंघन करने वालों से 10 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना भी वसूला गया। बावजूद इसके प्रशासन के आगे बढ़ते ही रेलवे ढाला, मेन रोड और डिवाइडर पर फुटपाथी दुकानदारों तथा अवैध मुद्रा विनिमय (सटही) कारोबारियों के दोबारा कब्जा जमाने से अभियान की स्थायी सफलता चुनौती बनी हुई है।
बीडीओ राजू कुमार ने कहा कि अतिक्रमण के कारण शहर में जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है। इसलिए यह अभियान अब नियमित चलेगा। दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के रक्सौल-वीरगंज मुख्य मार्ग के निरीक्षण तथा एसडीओ नागमणि वर्मा के फ्लैग मार्च के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। शहर के मेन रोड पर सड़क किनारे संचालित सटही काउंटर, फुटपाथी दुकानें, ठेले-खोमचे, डिवाइडर पर अवैध कब्जा और बेतरतीब पार्किंग लंबे समय से जाम की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब सड़क और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
