Monday, July 13

प्रो.रजनीश कुमार गुप्ता को प्रॉक्टर का अतिरिक्त प्रभार, संभालेंगे दो अहम जिम्मेदारियां


मुजफ्फरपुर/रक्सौल। (VoR डेस्क)
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू), मुजफ्फरपुर में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के अनुसार सी.सी.डी.सी. प्रो. (डॉ.) रजनीश कुमार गुप्ता को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ प्रॉक्टर का अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) सौंपा गया है।
यह निर्णय पूर्व प्रॉक्टर प्रो. (डॉ.) रविंद्र कुमार चौधरी के 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद लिया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की धारा 26(6) के तहत आदेश जारी करते हुए प्रो. गुप्ता को तत्काल प्रभाव से यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है।


दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एक साथ निभाएंगे
नए आदेश के तहत प्रो. रजनीश कुमार गुप्ता अपने मौजूदा कॉलेज विकास परिषद (सी.सी.डी.सी.) के पद की जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रॉक्टर का दायित्व भी निभाएंगे। उच्च शिक्षा प्रशासन में इसे अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) कहा जाता है, जिसमें एक अधिकारी एक साथ दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी संभालता है।
सी.सी.डी.सी. के रूप में उनका दायित्व विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के विकास, शैक्षणिक गतिविधियों के समन्वय, योजनाओं के क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है। वहीं प्रॉक्टर के रूप में विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी, प्रशासनिक नियंत्रण तथा छात्रों से जुड़े संवेदनशील मामलों का समन्वय उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी।


प्रशासनिक निरंतरता पर जोर


विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने, अनुशासन को मजबूत करने तथा विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे दोनों महत्वपूर्ण विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की भी उम्मीद है।


रक्सौल के लिए गौरव का क्षण


पूर्वी चंपारण के रक्सौल निवासी प्रो. (डॉ.) रजनीश कुमार गुप्ता को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। प्रबुद्ध नागरिकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके अनुभव और नेतृत्व में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

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