
तांत्रिक, पति और दूसरी पत्नी ने मिलकर रची थी हत्या की साजिश, चलती ट्रेन में महिला को उतारा था मौत के घाट
पूर्वी चम्पारण पुलिस का सनसनीखेज खुलासा; अंधविश्वास, पारिवारिक कलह और लालच ने ली महिला की जान, तीन आरोपी गिरफ्तार
रक्सौल/पलनवा।(Vor desk)। पूर्वी चम्पारण जिले के पलानवा थाना क्षेत्र में गत 17 जून को बरामद अज्ञात महिला के शव मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की हत्या उसके पति, पति की दूसरी पत्नी और एक कथित तांत्रिक ने मिलकर सुनियोजित तरीके से की थी। अंधविश्वास, पारिवारिक विवाद और लालच से प्रेरित इस खौफनाक साजिश को चलती ट्रेन में अंजाम दिया गया था। मामले में तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 17 जून 2026 को पलानवा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव बरामद होने के बाद पलानवा थाना कांड संख्या-132/2026 दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 एवं 238 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड की परत-दर-परत पड़ताल की। जांच में खुलासा हुआ कि मृतका के पति तपेश्वर सहनी ने नेपाल के बागलुंग निवासी लक्ष्मी देवी से दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद पहली पत्नी और पति के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
इसी दौरान तपेश्वर सहनी और लक्ष्मी देवी का संपर्क सुगौली थाना क्षेत्र के रहने वाले सिकंदर सहनी उर्फ भगत जी नामक एक कथित तांत्रिक से हुआ। पुलिस जांच में सामने आया है कि तांत्रिक ने दोनों के पारिवारिक विवाद का फायदा उठाते हुए पहली पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके एवज में उसने दोनों पक्षों से 50-50 हजार रुपये की मांग की, जिस पर वे राजी हो गए।
पूर्व नियोजित साजिश के तहत तांत्रिक ने मृतका को नेपाल घुमाने और वहां संपत्ति का मालिक बनाने का झांसा देकर मोतिहारी बुलाया। इसके बाद मोतिहारी से रक्सौल जाने वाली एक लोकल ट्रेन में यात्रा के दौरान मसना डीह हाल्ट के समीप चलती ट्रेन में महिला की हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक,पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुगौली थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी स्वर्गीय रामचरितर सहनी के पुत्र सिकंदर सहनी उर्फ भगत जी (करीब 46 वर्ष), लखौरा थाना क्षेत्र के झिटकहिया निवासी स्वर्गीय मांझी सहनी के पुत्र तपेश्वर सहनी (करीब 58 वर्ष) तथा नेपाल के बागलुंग निवासी लक्ष्मी देवी (करीब 35 वर्ष), जो तपेश्वर सहनी की दूसरी पत्नी है, शामिल हैं।
इस जटिल और संवेदनशील हत्याकांड के सफल उद्भेदन में रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद, रामगढ़वा अंचल पुलिस निरीक्षक अनुज कुमार पांडेय तथा पलानवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में पुलिस अवर निरीक्षक भीम सिंह, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम तथा फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के विशेषज्ञ शामिल थे।
पूर्वी चम्पारण पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के समुचित उपयोग के कारण इस अंधे हत्याकांड का कम समय में सफलतापूर्वक खुलासा संभव हो सका।
