Friday, June 19

छौड़ादानों में बड़ा खुलासा: आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बच्चियों से कराया जा रहा था डांस, 24 बच्चों का रेस्क्यू, तीन संचालक हिरासत में

मोतिहारी/छौड़ादानो।(Vor desk)। पूर्वी चंपारण जिले के छौड़ादानो थाना क्षेत्र में पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त कार्रवाई में आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने के मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार देर रात चलाए गए विशेष अभियान में 23 नाबालिग लड़कियों और एक लड़के को मुक्त कराया गया, जबकि तीन आर्केस्ट्रा संचालकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच मानव तस्करी और बाल शोषण के दृष्टिकोण से भी कर रही है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य प्रियंका कानूनगो की ओर से प्राप्त पत्र और शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज की। आयोग को सूचना मिली थी कि छौड़ादानो क्षेत्र में आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग बच्चों को बंधक बनाकर उनसे जबरन डांस कराया जा रहा है।

इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से विभिन्न आर्केस्ट्रा और म्यूजिकल ग्रुपों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान राज म्यूजिकल ग्रुप, राजेंद्र पासवान म्यूजिकल ग्रुप और रामबाबू यादव म्यूजिकल ग्रुप में कई नाबालिग बच्चे काम करते पाए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 23 नाबालिग लड़कियों और एक नाबालिक लड़के को वहां से मुक्त कराया गया।

जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि सभी बच्चियों की उम्र 18 वर्ष से कम है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि उनसे जबरन आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों में डांस कराया जाता था।

उन्होंने कहा, “23 लड़कियों का रेस्क्यू किया गया है। तीन आर्केस्ट्रा संचालकों को हिरासत में लिया गया है। सभी बच्चियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

पुलिस ने मौके से तीन आर्केस्ट्रा संचालकों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि इनके द्वारा नाबालिग लड़कियों और लड़कों से आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों में काम कराया जा रहा था। हिरासत में लिए गए संचालकों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।

पुलिस को आशंका है कि कुछ बच्चों को दूसरे राज्यों से लाया गया हो सकता है। इसी वजह से मामले की जांच मानव तस्करी के एंगल से भी की जा रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है तथा उनकी मेडिकल जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराई जा रही हैं।

बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों के अनुसार, सभी बच्चों की काउंसलिंग कराई जाएगी और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि किसी बच्चे के परिजन नहीं मिलते हैं तो उन्हें बालिका गृह अथवा अन्य सुरक्षित संस्थानों में रखा जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी संचालकों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, मानव तस्करी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छौड़ादानो थाना क्षेत्र में लंबे समय से आर्केस्ट्रा के नाम पर अश्लील कार्यक्रम आयोजित किए जाने और नाबालिग बच्चों के शोषण की शिकायतें मिलती रही हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और बच्चों का शोषण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मोतिहारी पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की इस संयुक्त कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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