
काठमांडू/वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति और पूर्व गृह मंत्री रवि लामिछाने को एक बड़े अदालती फैसले में बड़ी राहत मिली है। नेपाल की पर्सा जिला अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में ‘संगठित अपराध’ के अभियोग को संशोधित कर हटाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अब उन पर केवल ‘सहकारी ठगी’ का मामला ही चलेगा। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक और राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है।
जिला न्यायाधीश मोहन सुवेदी की अदालत ने मुलुकी फौजदारी कार्यविधि संहिता, 2074 की धारा 36 के तहत मंगलवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने माना कि महान्यायवादी कार्यालय की स्वीकृति के बाद दायर किया गया संशोधन आवेदन पूरी तरह से कानून सम्मत है।
‘सानो पाइला’ सहकारी से जुड़ा है मामला
इससे पहले, जिला सरकारी वकील कार्यालय, पर्सा ने विशाल सहनी गोढ़ी सहित अन्य की शिकायत पर अभियोग पत्र में संशोधन की याचिका दायर की थी। यह पूरा मामला वीरगंज के आदर्शनगर स्थित ‘सानो पाइला बचत एवं ऋण सहकारी संस्था’ की रकम हड़पने के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में नेपाल सरकार वादी है और रवि लामिछाने के साथ-साथ छविलाल जोशी मुख्य प्रतिवादी हैं। इस मामले में कुल 29 लोगों पर ठगी और संगठित अपराध का मामला दर्ज है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय में नेपाल सरकार की ओर से जिला न्यायाधिवकता मनोज प्रसाद गुप्ता ने पक्ष रखा, जबकि प्रतिवादी रवि लामिछाने की ओर से अधिवक्ता दीपेंद्र झा और चंद्रिका प्रसाद पटेल ने बहस की।
अदालत का मानना है कि संगठित अपराध का आरोप हटने से पीड़ितों और प्रतिवादियों के बीच आपसी समझौता और बचतकर्ताओं की रकम लौटाने की प्रक्रिया काफी सहज हो जाएगी।
जमानत पर हैं लामिछाने, अन्य जिलों में बरकरार हैं मामले
बता दें कि रवि लामिछाने फिलहाल जमानत पर हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत वे पिछले 2 अप्रैल को वीरगंज पहुंचे थे, जहाँ अदालत में उपस्थित होकर उन्होंने निर्धारित तिथि पर नोटिस रिसीव करने की प्रक्रिया संपन्न की थी। लामिछाने पर ‘जेन जी’ आंदोलन के दौरान जेल ब्रेक करने का भी गंभीर आरोप लगा था।
पर्सा अदालत के इस फैसले से उन्हें भले ही राहत मिली हो, लेकिन उनकी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इससे पहले कास्की जिला अदालत ने भी लामिछाने के खिलाफ दर्ज संपत्ति शुद्धिकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) और संगठित अपराध के आरोप हटाने की अनुमति दी थी, लेकिन काठमांडू और रूपंदेही में उन पर ये आरोप अभी भी कायम हैं। अब पर्सा में आगे की न्यायिक प्रक्रिया केवल सहकारी ठगी के दायरे में ही आगे बढ़ेगी।
हाई-प्रोफाइल भारत दौरे के बाद आया फैसला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में रवि लामिछाने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आमंत्रण पर भारत के दौरे से लौटे हैं। नेपाल के राजनीतिक हलकों में इस बात की खासी चर्चा है कि अपने इस महत्वपूर्ण भारत दौरे के दौरान उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी हुई थी। इस अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक यात्रा के तुरंत बाद आए इस अदालती फैसले को नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
