
रक्सौल।(Vor desk)। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर रक्सौल के हजारीमल हाई स्कूल के प्रांगण में रिक्शा चालक श्रमिक संघ के बैनर तले एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रमिकों के सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और पारिवारिक उत्थान को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत आगत अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई। मंच का संचालन महासचिव नवीन गिरी ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से यूनियन के अध्यक्ष ब्रह्मदेव पटेल, थावे माई फूड इंडस्ट्रीज के एमडी कौशिक गिरी, महिला सुरक्षा विकास मंच की अध्यक्ष सरोज गिरी, महिला कलवार कल्याण समिति की अनीता देवी, कामरेड चंद्रशेखर सिंह, पूर्व मुखिया मदन प्रसाद,अंबेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम उपस्थित रहे। इस दौरान समाज निर्माण में पसीना बहाने वाले श्रमिकों को दोशाला और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया गया।इसमें एक ईमानदार ई रिक्शा चालक सुमित को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया,जिसके ई रिक्शा पर छुटे एक पर्स को वापस लौटा कर ईमानदारी,नेक नियति की मिसाल पेश की थी, जिसमे बड़ी मात्रा में कैश के साथ आभूषण भी था।
प्रमुख वक्ताओं के विचार और संकल्प
कार्यक्रम के संयोजक प्रदीप भारती ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूर संगठित नहीं होंगे, तब तक उनके अधिकारों का शोषण होता रहेगा।
यूनियन के अध्यक्ष ब्रह्मदेव राम ने मजदूरों की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बढ़ती महंगाई के अनुपात में मजदूरों की दिहाड़ी नहीं बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन का मुख्य लक्ष्य केवल मजदूरी तय करना नहीं, बल्कि मजदूरों के परिवारों का सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान सुनिश्चित करना है ताकि उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय न रहे।
वामपंथी नेता चंद्रशेखर सिंह ने मजदूरों के ऐतिहासिक संघर्षों को याद करते हुए कहा कि आज हम जो भी अधिकार देख रहे हैं, वे लंबे संघर्षों का परिणाम हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज के विकास की नींव मजदूर ही रखते हैं, इसलिए उनके सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से भी श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की मांग की।
अम्बेडकर ज्ञान मंच के संस्थापक मुनेश राम ने संवैधानिक अधिकारों की बात करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने श्रमिकों को जो अधिकार दिए हैं, उनके प्रति जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के अभाव में अक्सर मजदूरों का हक मार लिया जाता है। ज्ञान मंच हमेशा श्रमिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है ताकि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी न्याय मिल सके।
सहयोग और गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपाध्यक्ष सैफ अली खान, कोषाध्यक्ष मनोज, संगठन मंत्री रंजू जी, सचिव विक्की कुमार, संगठन मंत्री सरफराज आलम, सह-सचिव बसीर आलम और विजय कुशवाहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे, जिनमें भारत विकास परिषद के अजय बाबल, माहेर ममता के वीरेंद्र कुमार, पत्रकार अनिल कुमार, दीपक अग्निरथ, दीपक कुशवाहा और पप्पू शामिल थे। उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि श्रमिकों का कल्याण ही राष्ट्र का असली कल्याण है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने ‘मजदूर एकता जिंदाबाद’ के नारों के साथ उनके उज्जवल भविष्य का संकल्प लिया।
