
रक्सौल।(Vor desk)।
एसडीएम मनीष कुमार ने बुधवार को अनुमंडलीय अस्पताल रक्सौल का औचक निरीक्षण कर एईएस/जेई (चमकी बुखार) को लेकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन और मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय कुमार मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण में एईएस वार्ड, इमरजेंसी, ओपीडी, डेंटल वार्ड, पंजीकरण काउंटर व टीकाकरण कक्ष की जांच की गई।
एईएस वार्ड में 6 बेड आरक्षित, दवाओं की उपलब्धता और 24 घंटे ड्यूटी रोस्टर की व्यवस्था की जांच की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए । जागरूकता के लिए पोस्टर-पंपलेट के साथ चौपाल पर जोर दिया गया।
हालांकि, उपस्थिति पंजी की जांच में डॉ. अजय कुमार, डॉ. शशिरंजन और डॉ. विकास कुमार अनुपस्थित मिले। एसडीएम ने तीनों को अनुपस्थित चिह्नित कर स्पष्टीकरण मांगा। निरीक्षण के दौरान पहुंचे डॉ. विकास कुमार को फटकार लगाकर चेतावनी दी गई। जन्म प्रमाण पत्र काउंटर पर आवेदनों का तिथिवार रिकॉर्ड नहीं मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने बताया कि 25 फरवरी के निरीक्षण में भी एक डॉक्टर अनुपस्थित मिले थे।बायोमेट्रिक प्रणाली खराब मिली थी। पूर्व के निर्देशों के बावजूद सुधार नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने की बात कही।
इस क्रम में उन्होंने रक्सौल पीएचसी निरीक्षण किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार जरूरी निर्देश दिए गए।हाजिरी पंजी जांच के दौरान यहां हेल्थ मैनेजर आशीष कुमार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। उन्हें शो-कॉज किया गया है।
सखी वन स्टॉप सेंटर बंद मिला,सभी कर्मी मिले नदारद
अस्पताल परिसर स्थित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ पर ताला लटका मिला। केंद्र प्रशासक दीक्षा कुमारी सहित काउंसलर व केस वर्कर अनुपस्थित पाए गए। 8 मार्च को उद्घाटित इस केंद्र की स्थिति पर एसडीएम ने नाराजगी जताते हुए डीपीओ (आईसीडीएस) के माध्यम से कार्रवाई के निर्देश दिए।
