Thursday, April 23

भारत-नेपाल सीमा पर चला प्रशासन का ‘पीला पंजा’, नो-मेंस लैंड से हटाया गया अतिक्रमण

रक्सौल (vor desk): भारत-नेपाल मैत्री संबंधों और अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा की दिशा में गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। रक्सौल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘नो-मेंस लैंड’ (दशगजा क्षेत्र) को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नेपाली प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाया। संयुक्त सहमति के आधार पर हुई इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित ढांचों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया गया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

​प्राप्त विवरण के अनुसार, नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) की टीम भारी दल-बल के साथ रक्सौल के अहिरवा टोला और प्रेम नगर से सटे नेपाली सीमा क्षेत्र में पहुंची। इस अभियान का नेतृत्व नेपाल एपीएफ के उच्च अधिकारियों ने किया, जिसमें नेपाल जनपद पुलिस और पर्सा जिला प्रशासन की टीम भी सक्रिय रही। वीरगंज महानगरपालिका की जेसीबी मशीन ने सीमा स्तंभों के समीप बने अवैध झोपड़ों और निर्माणों को हटाकर भूमि को खाली कराया।

FST की बैठक में बनी थी साझा रणनीति

​विदित हो कि दो दिन पूर्व रक्सौल में सीमा स्तंभों की वस्तुस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फील्ड सर्वे टीम (FST) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और नेपाल, दोनों देशों के अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (नो-मेंस लैंड) पर बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जताई थी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि सीमा की शुचिता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरुवार की कार्रवाई इसी रणनीतिक निर्णय का परिणाम मानी जा रही है।

भयमुक्त और स्पष्ट सीमा की ओर कदम

​उल्लेखनीय है कि करीब एक माह पूर्व भारतीय प्रशासन ने भी अपनी ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। अब दोनों देशों के समन्वित प्रयासों से दशगजा क्षेत्र पूरी तरह स्पष्ट होने लगा है। प्रशासन की इस सख्ती से सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों और अतिक्रमण में संलिप्त भू-माफियाओं व अन्य तत्वों के बीच हड़कंप का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!