सत्संग उप योजना केन्द्र भलुवहिंया में हुआ श्री श्री ठाकुर जी का विराट वार्षिक सत्संग, 134 श्रद्धालुओं ने ली दीक्षा
जो अपने बूढ़े माता पिता को सताता है उसका कभी भी मंगल नहीं होता है:अशोक चौरसिया
रामगढ़वा ।(vor desk )। मां स्वर्ग होती है वही पिता स्वर्ग का दरवाजा होते हैं।जो मां 9 महीने गर्व में रखकर अपने बच्चे को पैदा करती है, अनगिनत कष्ट सहकर माता पिता बच्चे का लालन-पालन करते हैं, उस माता पिता को जो बच्चे कष्ट पहुंचाते हैं ,उनका कभी भी मंगल नहीं होता है। चाहे वे दुनिया के किसी भी देवी देवता की पूजा क्यों न करें। उक्त बातें सह प्रति ऋत्विक अशोक कुमार चौरसिया ने रामगढ़वा के भलुवहिंया गांव स्थित श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के सत्संग उपयोजना केंद्र में आयोजित वार्षिक विराट सत्संग को संबोधित करते हुए सोमवार की देर संध्या में कही। वही सत्संग को संबोधित करते हुए रांची से आए सह प्रति ऋत्विक मनोज कुमार ने कहा कि हर मानव के जीवन में गुरु की आवश्यकता है। गुरु के बिना हम मानवों का जीवन अधूरा है।उन...









