छठ पर्व : रक्सौल बॉर्डर पर दिखी साझा संस्कृति की झलक,कोविड काल मे सोल्लास मना पर्व!
रक्सौल ।(vor desk)। लोक आस्था का महापर्व कार्तिकी छठ सोल्लास व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। गुरुवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रतियो ने उपवास को खत्म कर अन्न-जल को ग्रहण किया।
बुधवार को डूबते सूर्य को अर्ध्य के बाद रात्रि काल मे कोसी पूजा की गई।फिर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले ही लोग अपने-अपने घरों से घाटों के लिए निकल पड़े ।
तदोपरांत, छठव्रती और परिवारजन नदी और जलाशय में कमर भर पानी में खड़े रहकर भगवान भास्कर के उदित होने का इंतजार किया।जैसे ही सूर्य की किरणें उदित हुईं , साड़ी और धोती पहने स्त्री–पुरुष भगवान सूर्य की अराधना में मंत्रोच्चार के साथ लीन हो गए।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घाट पर ही छठ व्रतियों ने सुहागिन महिलाओं को सिंदूर लगा कर उनके सौभाग्यवती होने की कामना की।साथ ही एक दूसरे ...









