🇮🇳🇳🇵 आस्था का सेतु और सामाजिक समरसता का पर्व छठ पूजा : रक्सौल-बीरगंज सीमा पर उदित सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महा पर्व हुआ संपन्न
रक्सौल।(Vor desk)।इस वर्ष छठ महापर्व ने रक्सौल और बीरगंज सीमा क्षेत्र में भारत-नेपाल की अटूट सांस्कृतिक साझेदारी का एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न रहकर सामाजिक समरसता और मैत्री का सेतु बन गया।रक्सौल-बीरगंज को जोड़ने वाले मैत्री पुल के नीचे निर्मित कस्टम छठ घाट इसकी सबसे बड़ी मिसाल बना, जहाँ सरिसवा नदी के दोनों किनारों पर पूजा आयोजित हुई। भारतीय नागरिकों ने रक्सौल कस्टम चेकपोस्ट घाट पर व्रत किया, वहीं नदी के ठीक उस पार नो मेन्स लैंड एरिया में पर्सा जिला बीरगंज के नेपाली कस्टम क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भी पूरी निष्ठा से छठ व्रत रखा। दोनों ओर के व्रतियों और श्रद्धालुओं को चचरी पुल ने जोड़ा, जिसने उन्हें एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देने और अपनी सदियों पुरानी परम्परा को अक्षुण्ण रखने में सहायता की। स्थानीय पार्षदों और नागरिकों ने इस बात की पुष्टि की कि...









