निरहुआ के ‘जो राम का नहीं…’ बयान पर विपक्ष भड़का: “यह विकास नहीं, विभाजन की राजनीति है”
रक्सौल/आदापुर।(Vor desk)। भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी सांसद दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' द्वारा रक्सौल में दिए गए विवादास्पद बयान "जो श्री राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं!" पर बवाल मच गया है।इस पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और चुनाव से पहले विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने की हताश कोशिश करार दिया है।विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने निरहुआ के इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और भाईचारे की भावना के विपरीत बताया।
विपक्ष के नेताओं की तीखी आलोचनाएँ:
इंडिया कांग्रेस(ए आई सी सी सी) के पार्टी ऑब्जर्वर दयानंद सिंह दुसाध ने कहा है कि "निरहुआ जी भूल रहे हैं कि राम हमें सब्र और मर्यादा सिखाते हैं, न कि देश के नागरिकों को 'काम का' और 'बेकाम का' बताने का अधिकार देते हैं।यूपी के रहने वाले श्री दुसाध ने कहा कि जो धर्म को राजनीति के लिए इस्तेमाल क...









