
जर्जर सड़क और जलजमाव से परेशान हैं छात्र-छात्राएं; अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी नहीं हुई पहल
रक्सौल।(Vor desk)। खेमचंद ताराचंद महाविद्यालय (केसीटीसी कॉलेज) तक पहुंचने वाली जर्जर सड़क का मुद्दा अब आंदोलन का रूप ले सकता है। सड़क निर्माण की मांग पर लगातार अनदेखी से नाराज युवा सहयोग दल ने छठ महापर्व के बाद धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो छात्र-छात्राओं के साथ अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।
युवा सहयोग दल के अध्यक्ष चौहान साजन सिंघानिया ने बताया कि कॉलेज रोड की बदहाली से विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क पर जलजमाव और जर्जर स्थिति के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय विधायक को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई।
इस संबंध में हुई बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से तय किया कि छठ के बाद सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को साथ लेकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान अब जरूरी है। संगठन इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है।
बैठक में उपाध्यक्ष हर्षित रौनियर, समरजीत मिश्रा, मुकेश भारती, महासचिव मुकेश पटेल, विकेश कुमार, राजकिशोर प्रजापति, घनश्याम गुप्ता, सूरज पटेल, सतीश केशरी, पुरुषोत्तम पटेल, मो. मुस्तफा, राजन जायसवाल, अनुराग कुमार ठाकुर, कृष्ण कुमार गुप्ता, अंकित मिश्रा, मनीष कुमार, पिंटू कुमार, भोला कुमार सिंह और अभिजीत पटेल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कॉलेज अध्यक्ष अमित कुमार यादव के साथ अनुराग कुमार, रौशन मिश्रा, गौतम बनिया, रवि कुमार, ऋषू चौधरी, अजीत मोदी, विकास कुमार, अर्जुन कुमार, कन्हैया कुमार झा, पप्पू यादव, राहुल कुमार, धीरज कुमार, सुमित कुमार, संजीत कुमार, शुभम कुमार, मनी यदुवंशी, अरुण कुमार और रोहित गुप्ता भी उपस्थित थे।
युवा सहयोग दल ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से छात्रहित एवं जनहित में कॉलेज रोड का निर्माण अविलंब शुरू कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराना है।
