
रक्सौल।(Vor desk)। नगर परिषद से जुड़े सफाईकर्मियों ने बकाया मजदूरी के भुगतान और मामले में लिप्त दोषी पदाधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को आश्रम रोड स्थित छठिया घाट पर बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सफाईकर्मियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की और इसके बाद उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बकाया मजदूरी का भुगतान करने और गबन के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
बैठक में मौजूद महासंघ के महासचिव चंद्रशेखर कुमार सिंह ने आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘सी.बी.एस. फेसिलिटीज मैनेजमेंट प्रा० लि०’ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एजेंसी ने 81 सफाईकर्मियों से नवंबर 2024 (दीपावली व छठ पर्व) में काम तो लिया, लेकिन उनकी मजदूरी का लगभग 10 लाख रुपये दबा लिया। उन्होंने नगर परिषद के एक्टिंग हेड क्लर्क पंकज कुमार सिंह पर कथित रूप से आरोप लगाया कि उन्होंने एजेंसी से वेतन की राशि ले ली, लेकिन सफाईकर्मियों को भुगतान नहीं किया। इसके अलावा आंदोलन में शामिल दैनिक मजदूरों को हटाकर नई एजेंसी में स्थानांतरित कर दिया गया, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है।

सफाईकर्मी सोहन मल्लिक और राज मल्लिक ने बताया कि सभापति व वार्ड पार्षदों के बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अब तक बकाया राशि नहीं मिली है। महासचिव चंद्रशेखर कुमार सिंह ने साफ किया कि इस मामले की शिकायत श्रम विभाग, जिला प्रशासन और नगर परिषद कार्यालय से की गई है। इसके बाद पूर्वी चंपारण के श्रम अधीक्षक ने दोनों पक्षों को 3 October 2026 को मोतिहारी स्थित कार्यालय में वार्ता के लिए बुलाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे और उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
मौके पर मौजूद राजद नेता रमेश सिंह ने भी सफाईकर्मियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 42 के तहत सफाईकर्मियों के भुगतान की सीधी जवाबदेही कार्यपालक पदाधिकारी की है, इसलिए जिला प्रशासन अविलंब नियमानुसार कार्रवाई कर बकाया भुगतान कराए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए।
