
फोटो/वीरगंज बॉर्डर पर कॉलिंग नेपाल अभियान
वीरगंज।(Vor desk)।हालिया प्राकृतिक आपदा, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी खबरों के कारण भारतीय पर्यटकों के आगमन पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए सरकारी एवं निजी क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायी स्वयं सीमा पर उतर आए हैं। पिछले एक माह से जमीनी मार्ग से नेपाल प्रवेश करने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में आई भारी कमी को दूर करने के लिए वर्ल्ड टूरिज्म डे के अवसर पर ‘ कॉलिंग नेपाल ‘ अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके तहत नाटा ,मधेश प्रदेश,टूरिज्म डेवलपमेंट ऑफिस,वीरगंज तथा बारा- परसा के होटल एवं पर्यटन व्यवसायियों ने बीरगंज बॉर्डर पर पर्यटकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि ‘नेपाल भ्रमण के लिए पूर्णतः सुरक्षित है और हम आपके स्वागत के लिए सदैव तत्पर हैं।’
टूरिज्म डेवलपमेंट ऑफिस,वीरगंज के प्रमुख अरविंद यादव ने जानकारी दी कि नेपाल में पर्यटकीय वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और अनुकूल है। भारतीय अतिथियों को आत्मीयता का अहसास कराने के लिए निजी क्षेत्र के व्यवसायियों ने सीमा पर उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने भारतीय पर्यटकों को खादा एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर पारंपरिक और आत्मीय आतिथ्य प्रदान किया। नाटा के प्रतिनिधियों और होटल व्यवसायियों ने सीमा से ही इस अभियान का नेतृत्व मधेश प्रदेश के पर्यटन को पुनः पुरानी लय में वापस लाने का प्रयास तेज कर दिया है। व्यवसायियों के अनुसार पिछले एक माह से भारत तथा अन्य देशों से नेपाल आने वाले पर्यटकों की आवक में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। रविवार को वर्ल्ड टूरिज्म डे के अवसर पर नेपाल में प्रवेश कर रहे भारतीय पर्यटकों का सीमा पर टूरिज्म पुलिस , पर्यटन व्यवसायियों, सुरक्षाकर्मियों एवं टूरिज्म मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने नागरिक अभिनंदन किया। बॉर्डर पर कदम रखते ही मिले इस अप्रत्याशित सम्मान और गर्मजोशी भरे स्वागत से भारतीय पर्यटक अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए। स्वागत से अभिभूत होकर भारत के यूपी से परिवार सहित नेपाल यात्रा पर पहुंचे रामेश्वर दुबे ने कहा कि नेपाल केवल हमारा पड़ोसी देश ही नहीं है, बल्कि यह ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया प्रकृति का एक अद्भुत एवं अनुपम उपहार है। बाढ़ और भूस्खलन की खबरों से मन में कुछ आशंकाएं अवश्य थीं, किंतु यहाँ पहुँचने पर वातावरण पूर्णतः सुरक्षित और उत्साहजनक मिला। नेपाली नागरिकों की आत्मीयता और आतिथ्य का अनुभव करके हमें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उल्लेखनीय है कि मधेश प्रदेश के पर्यटन उद्योग में भारतीय पर्यटकों की भूमिका सर्वोपरि है। यहाँ के धार्मिक स्थलों, व्यापारिक बाजारों, होटलों और कैसीनो की रौनक भारतीय पर्यटकों की उपस्थिति पर ही निर्भर करती है। पिछले एक माह में प्राकृतिक आपदा के भय से पर्यटकों की संख्या में आई कमी के कारण स्थानीय पर्यटन कारोबार में 80% तक की गिरावट का आकलन किया गया है। नाटा मधेश प्रदेश के अध्यक्ष मोहन शर्मा ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी नकारात्मक खबरों के प्रसार से सीमावर्ती भारतीय पर्यटकों का आगमन प्रभावित हुआ था। इसी भ्रम को समाप्त करने और यह संदेश देने के लिए कि नेपाल में स्थिति पूरी तरह सामान्य एवं सुरक्षित है, सीमा पर यह अभियान प्रारंभ किया गया है। नेपाल सदैव भारतीय पर्यटकों को अपने परिवार के सदस्य की भांति स्वीकार करता आया है और उनकी सुरक्षा तथा सुविधा सुनिश्चित करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि व्यवसायियों के इन सहभागितापूर्ण प्रयासों से सुस्त पड़े पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे भारतीय पर्यटक बेझिझक नेपाल भ्रमण के लिए प्रोत्साहित होंगे।(रिपोर्ट:पीके गुप्ता)
