
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)। स्थानीय बीआरसी भवन में पीएम पोषण योजना के प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विद्यालय प्रधानों की बैठक के साथ ही प्रखंड के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को लेकर एक नया अध्याय शुरू हो गया है। एक अक्टूबर से प्रखंड के 59 अतिरिक्त विद्यालयों में भी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पूर्व प्रखंड के 38 विद्यालयों में ‘पूर्वांचल समाज सेवा समिति’ नामक एनजीओ के सामुदायिक किचन से मध्याह्न भोजन आपूर्ति की जा रही थी, जिसे विस्तार देते हुए अब कुल 97 स्कूलों तक पहुंचा दिया गया है।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही विभागीय प्रशासनिक कसावट भी बढ़ा दी गई है। बैठक के दौरान प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि वे भोजन की स्वच्छता, रसोईघर की नियमित सफाई तथा निर्धारित मानकों के पालन पर कड़ी निगरानी रखें। इसके साथ ही डिजिटल रिपोर्टिंग को पारदर्शी बनाने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर रोजाना पूर्वाह्न 10:30 बजे और बच्चों के भोजन करने के बाद दोपहर 2:30 बजे के बीच अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराने और एमआईएस रिपोर्ट समय पर अपलोड करने के आदेश दिए गए।
बैठक के दौरान सितंबर माह की एमडीएम रिपोर्ट और रसोइया-सह-सहायकों के उपस्थिति पत्रक भी जमा कराए गए। इस अवसर पर छोटेलाल राय, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मुनेश राम, बृजकिशोर प्रसाद, अजीत कुमार श्रीवास्तव, मोहम्मद अबरार रेजा, विद्या बाबू, जितेंद्र प्रसाद, जवाहर लाल प्रसाद, रौनक, अनम, अराधना कुमारी, इंदु कुमारी, विभा कुमारी, महेश कुमार और कृष्ण कुमार समेत क्षेत्र के कई विद्यालयों के प्रधान शिक्षक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
