
वार्ड संख्या 21 में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से जल बर्बादी का मामला; टॉल फ्री नंबर पर शिकायत के बाद भी सुधार न होने पर दायर किया परिवाद
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)(vor desk)
घोटालों और प्रशासनिक खींचतान को लेकर लगातार विवादों में रहने वाला रक्सौल नगर परिषद प्रशासन अब अपनी बुनियादी नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति भी उदासीन नजर आ रहा है। वार्ड संख्या 21 में नल-जल योजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से लगातार हो रही पानी की बर्बादी से नाराज होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता रवि मस्करा ने प्रशासनिक तंत्र की विफलता के खिलाफ अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष विधिवत परिवाद (वाद संख्या 502110105092602830) दायर किया है।
परिवादी रवि मस्करा के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से नल-जल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है, जिससे रोजाना हजारों लीटर शुद्ध पेयजल बहकर बर्बाद हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग एक माह पूर्व नगर परिषद के आधिकारिक टॉल फ्री नंबर पर विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्या की गंभीरता से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद जब समय रहते कोई ठोस प्रशासनिक या तकनीकी कार्रवाई नहीं हुई, तब अंततः लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत न्याय की गुहार लगानी पड़ी।
प्रेस को जानकारी देते हुए रवि मस्करा ने नगर परिषद की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने में नगर परिषद प्रशासन एक क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त कराने में नाकाम रहा है। नगर परिषद का ध्यान जनहित के कार्यों और नागरिक सुविधाओं के बजाय कथित वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक कार्यवाहियों और विवादित योजनाओं के क्रियान्वयन तक ही सीमित होकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी समस्याओं के समाधान में हो रही देरी से रक्सौल की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि अनुमंडल लोक शिकायत निवारण केंद्र से नोटिस जारी होने के बाद नगर परिषद प्रशासन इस समस्या का समाधान कब तक सुनिश्चित करता है।
