
सूर्य मंदिर में पीएम मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम में नहीं दिखीं कार्यवाहक सभापति, गुमसुम दिखे पति; विवाद के बीच नप पार्षदों की गुप्त बैठक की योजना विफल होने के कयास
विशेष रिपोर्ट | रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(vor desk)
रक्सौल नगर परिषद का ‘फाइल कांड’ और ‘सीसीटीवी विवाद’ अब केवल प्रशासनिक निलंबन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने गहरे राजनीतिक संकट का रूप ले लिया है। लगातार घिरते समीकरणों के बीच यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या उप मुख्य पार्षद-सह-कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी के पति व भाजपा नेता राकेश कुमार कुशवाहा के हाथ से नगर परिषद की पूरी बाजी निकलती जा रही है?
@ सूर्य मंदिर के मंच से कार्यवाहक सभापति नदारद, बैकफुट पर दिखे कुशवाहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर रक्सौल स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर प्रांगण में एक भव्य सामूहिक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा मंच पर मौजूद रहे।
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि इतने महत्वपूर्ण आयोजन में नगर परिषद की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी कहीं नजर नहीं आईं। हालांकि, उनके पति सह भाजपा नेता राकेश कुमार कुशवाहा कार्यक्रम में उपस्थित थे, लेकिन उपस्थित दर्ज कराने के बावजूद वे पहले की तरह आक्रामक या प्रभावी नजर नहीं आए। मौजूद लोगों के अनुसार, बड़े जन प्रतिनिधियों के बीच रहने के बावजूद श्री कुशवाहा का रुख बदला-बदला और बैकफुट पर दिखा।बैनर पर कार्यवाहक सभापति के तस्वीर नदारद रहने के साथ ही दूरियां भी साफ नजर आई।जबकि,मंच पर भाजपा नेता कन्हैया सर्राफ की सक्रियता और नजदीकी बढ़ी दिखी।

@होटल में बुलाई गई गुप्त बैठक पर फिरा पानी!
नगर परिषद में मचे घमासान के बीच राकेश कुशवाहा द्वारा शुक्रवार की सुबह शहर के एक आवासीय होटल में पार्षदों की आपात बैठक आहूत किए जाने की सूचना तेजी से फैली। हालांकि, एक स्थानीय वार्ड पार्षद ने दावा किया है कि बैठक का समय से पहले ही भंडाफोड़ हो जाने और चर्चा सार्वजनिक होने के कारण इसका रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है।
चर्चा यह भी है कि नगर परिषद के वर्तमान प्रशासनिक और कानूनी बवंडर के बाद श्री कुशवाहा के पक्ष में आवश्यक बहुमत का समर्थन नहीं जुट पा रहा है, जिससे उनकी राजनीतिक किलेबंदी कमजोर पड़ती दिख रही है।

@पटना से लौटते ही रक्सौल में डटे विधायक, कयासों का बाजार गर्म
इधर, पटना प्रवास के बाद क्षेत्रीय भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा लंबे समयांतराल पर रक्सौल पहुंचे हैं।चर्चा रही कि शुरुआत में उनके एक ही दिन में वापस लौटने का कार्यक्रम तय था, लेकिन रक्सौल के प्रशासनिक घटनाक्रम को देखते हुए वे यहीं रुक गए हैं।
विधायक के अचानक रुकने से नगर परिषद प्रकरण को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस विवाद पर वे जल्द ही अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं और संगठन स्तर पर भी बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
@कानूनी शिकंजे में फंसने की आशंका: निशाने पर राकेश कुशवाहा
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद कार्यालय में नगर प्रबंधक के कमरे का सीसीटीवी बंद कराकर अनधिकृत रूप से सरकारी संचिकाएं (फाइलें) देखने के मामले में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) डॉ. मनीष कुमार ने दो कर्मचारियों—कर संग्राहक चन्देश्वर बैठा और मृत्युंजय मृणाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में उस ‘अनधिकृत बाहरी व्यक्ति’ के रूप में राकेश कुमार कुशवाहा का नाम आधिकारिक तौर पर दर्ज हो चुका है।
प्रशासनिक रार और ईओ बनाम कार्यवाहक सभापति की जंग में दो कर्मचारियों पर गाज गिरने के बाद अब ईओ के निर्देश पर पुलिस को प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने हेतु आवेदन दिया जा चुका है। हरैया थाना पुलिस ने नगर परिषद दफ्तर पहुंचकर मामले की गहन जांच भी की है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि पुलिस जांच आगे बढ़ती है, तो सरकारी फाइलों के अनधिकृत अवलोकन के मामले में बाहरी व्यक्ति के रूप में राकेश कुशवाहा पर भी सीधी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यही वजह है कि प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर राकेश कुशवाहा चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं।हालाकि,श्री कुशवाहा का दावा है कि ऐसा कुछ नहीं है।उधर,अंदरखाने में अब भी चर्चा है कि अंततः मामला पैच अप हो जाएगा।
