
प्राचीन कुएं के संरक्षण की भी मांग; नागरिकों-व्यापारियों ने सीओ को सौंपा सामूहिक आवेदन
रक्सौल। (Vor Desk)
शहर के प्रमुख एवं ऐतिहासिक आदर्श चौक की जमीन और वहां स्थित प्राचीन सार्वजनिक कुएं को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने अंचलाधिकारी अरविंद कुमार को सामूहिक आवेदन देकर चौक की सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण और निजी स्वामित्व का दावा किए जाने की शिकायत की है। आवेदन में मामले की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि आदर्श चौक महज व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि रक्सौल की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा सार्वजनिक स्थल है। भारत-नेपाल मैत्री और पशुपतिनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के आवागमन के लिहाज से भी इसे महत्वपूर्ण स्थल बताया गया है। आवेदन में चौक पर स्थित प्राचीन कुएं को सार्वजनिक उपयोग में रहने वाला स्थल बताते हुए उसके संरक्षण की मांग की गई है।
तीन लोगों पर निजी स्वामित्व का दावा करने का आरोप
सामूहिक आवेदन में प्रदीप कुमार गुप्ता, दीपक कुमार उर्फ गोल्डन और संदीप कुमार पर आदर्श चौक की सार्वजनिक भूमि को कथित रूप से निजी संपत्ति बताने का आरोप लगाया गया है। आवेदन में संबंधित व्यक्तियों के नाम-पते का भी उल्लेख किया गया है।
आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से भी विवादित जमीन पर निजी मालिकाना हक का दावा सार्वजनिक रूप से किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। साथ ही प्राचीन कुएं को पाटकर उसके आसपास निर्माण किए जाने की आशंका भी जताई गई है। इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।जबकि,प्रदीप गुप्ता का दावा है कि वे अपनी पुस्तैनी जमीन खोज रहे हैं।
छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से मामले में बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत अतिक्रमण वाद शुरू करने, संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सार्वजनिक संपत्ति पर कथित गलत मालिकाना दावा और सरकारी भूमि पर कब्जे के प्रयास के आरोपों की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी आवेदन में की गई है।
आवेदनकर्ताओं ने अंचल अमीन और राजस्व कर्मियों के माध्यम से मूल कैडेस्टर/रिविजनल सर्वे खतियान एवं नक्शे के आधार पर आदर्श चौक और प्राचीन कुएं की आधिकारिक पैमाइश व सीमांकन कराने की मांग की है।
इसके अलावा चौक और कुएं के आसपास किए गए कथित अवैध निर्माण को हटाकर स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराने, कुएं से मलबा निकालकर सफाई कराने तथा उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा और प्रकाश की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण की मांग
आवेदनकर्ताओं ने आदर्श चौक के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे संरक्षित करने की दिशा में प्रशासनिक पहल की मांग की है। उनका कहना है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के साथ सार्वजनिक स्थल और प्राचीन कुएं का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मामले में अब प्रशासन की जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण पर नजर है। अभिलेखों की जांच के बाद ही जमीन के स्वामित्व और अतिक्रमण से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत दर्ज कराने वाले स्थानीय नागरिक:
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन पर आशीष कुमार, राजन कुमार गुप्ता,अभिषेक अग्रवाल, सुमेंद्र किशोर, पंकज कुमार, दीपक सर्राफ, आनंद कुमार, सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, बबलू कुमार, विकास कुमार, सुभाष कुमार, ऋषभ गुप्ता, सुनील सर्राफ, रोशन कुमार, उपेन्द्र कुमार, रमाशंकर प्रसाद, पुरुषोत्तम कुमार, सुनील कुमार सहित दर्जनों नागरिकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस अति-संवेदनशील मामले में नामजद भू-माफियाओं पर अविलंब कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अंचल प्रशासन की होगी।वहीं,अंचलाधिकारी अरविंद कुमार ने जांच और विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
