
रक्सौल। (Vor Desk)। नगर परिषद रक्सौल के प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा और उच्च वर्गीय सहायक मृत्युंजय मृणाल को अनुशासनहीनता, सरकारी अभिलेखों के साथ कथित हेरफेर तथा कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
नगर परिषद के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को नगर प्रबंधक के कार्यालय कक्ष में एक बाहरी व्यक्ति को बैठाकर सरकारी फाइलें दिखाए जाने का मामला सामने आया था। इसी दौरान कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे के क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई। मामले को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने दोनों कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में दोनों कर्मियों का मुख्यालय नगर परिषद के स्वच्छता कोषांग में निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
चंदेश्वर बैठा पर 25.98 लाख रुपये सरकारी राशि बकाया होने का मामला भी
इधर, प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा से जुड़ा एक पुराना वित्तीय मामला भी सामने आया है। नगर परिषद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक उनके ऊपर करीब 25 लाख 98 हजार रुपये सरकारी राशि बकाया है। इस संबंध में महालेखाकार कार्यालय की ओर से पूर्व में राशि जमा कराने को लेकर मेमो जारी किया गया था। नगर परिषद ने भी उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। राशि जमा नहीं होने पर अब पुनः नोटिस जारी कर भुगतान के लिए कहा गया है।
बताया गया है कि चंदेश्वर बैठा के कर संग्राहक के रूप में कार्यरत रहने के दौरान टैक्स की राशि सरकारी कोष में जमा नहीं होने को लेकर जांच हुई थी, जिसके बाद महालेखाकार कार्यालय की ओर से उक्त राशि के संबंध में मेमो जारी किया गया।
हालांकि, चंदेश्वर बैठा ने लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे मामले में दोहरी नीति के शिकार हो रहे हैं।
