
रक्सौल।(Vor desk)। नेपाल की विशेष अदालत ने वीरगंज महानगरपालिका के मेयर राजेशमान सिंह को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषमुक्त (बरी) कर दिया है।
विशेष अदालत के अध्यक्ष वासुदेव आचार्य तथा सदस्य हेमंत रावल और दिल्लीरत्न श्रेष्ठ की संयुक्त पीठ ने सोमवार को सिंह के पक्ष में यह फैसला सुनाया। फर्जी कागजात पेश करके नागरिकता दिलाने के आरोप में अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग ने गत 25 मई 2025 को मेयर सिंह सहित 7 लोगों के खिलाफ विशेष अदालत में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।
अख्तियार के अनुसार, सिंह पर किसी अन्य व्यक्ति की बेटी को अपनी बेटी बताकर विभिन्न दस्तावेज तैयार करने और नेपाली नागरिकता दिलाने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया था। इसी मामले में सिंह की बेटी बनकर नागरिकता लेने का आरोप झेल रही सिंधुपालचोक की रीता भट्टराई के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था।
इसके अलावा, अख्तियार ने वीरगंज महानगरपालिका-3 के तत्कालीन वार्ड सचिव भिखारी राय और तत्कालीन कार्यवाहक वार्ड अध्यक्ष तुफैल अख्तर ठकुराई को भी आरोपी बनाया था। गृह मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति के संयोजक तत्कालीन उपसचिव पुष्कर राना और सदस्य तत्कालीन शाखा अधिकृत पर्शुराम पोखरेल के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था।
विशेष अदालत के इस फैसले के साथ ही मेयर सिंह समेत सभी आरोपियों को रिहाई मिल गई है। भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत सिंह अपने पद से निलंबित चल रहे थे।(रिपोर्ट:पीके गुप्ता)
