
रक्सौल, एक संवाददाता। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एक्टू) एवं बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार से नगर निकाय कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। रक्सौल में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। कर्मचारियों ने तुमड़िया टोला स्थित नगर परिषद के प्रशासनिक कार्यालय और मुख्य पथ स्थित जन सुविधा केंद्र में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। इससे नगर परिषद का प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया, जबकि शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई।
प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में हुए आंदोलन में कॉमरेड रमाकांत आजाद समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की वार्ता विफल रही। अब कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार की तानाशाही और तुगलकी नीति नहीं चलेगी तथा तीन सूत्री मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
धरना में प्रमिला देवी, राजेश मल्लिक, विनोद मल्लिक, महेंद्र कुशवाहा, बलिराम प्रसाद यादव, विनोद कुमार साह, रवि राम, सीता देवी और सुनयना देवी सहित बड़ी संख्या में नियमित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे।
महासंघ की प्रमुख मांगों में दैनिक, संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका व आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधे नगर निकाय के अधीन सेवा तथा ईएसआई, ईपीएफ, एसीपी/एमएसीपी सहित सभी वैधानिक लाभों का भुगतान शामिल है।
हड़ताल के कारण शहर में सफाई कार्य बंद हो गया है। लगातार बारिश के बीच कचरा उठाव बाधित होने से गंदगी बढ़ने लगी है। पेयजल, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट रखरखाव सहित अन्य नगर सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन धरना और हड़ताल जारी रहेगी।
