Thursday, July 30

सुनसरी हिंसा की आंच मधेश तक पहुंची, वीरगंज में निषेधाज्ञा लागू; सीमा पर हाई अलर्ट

रक्सौल/वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल के सुनसरी जिले के देवागंज में कांवर यात्रा के दौरान हुए सांप्रदायिक विवाद और पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत के बाद हालात का असर अब भारत-नेपाल सीमा से सटे मधेश प्रदेश तक पहुंच गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने मधेश के कई जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। पर्सा जिला प्रशासन ने वीरगंज महानगर के संवेदनशील क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जबकि मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुर में भी कर्फ्यू लगाया गया है। लहान में भी फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

पर्सा के प्रमुख जिला अधिकारी भोला दाहाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के आधार पर 30 जुलाई की शाम 5 बजे से 1 अगस्त की सुबह 6 बजे तक वीरगंज के निर्धारित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी।

स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 की धारा 6(3क) के तहत जारी आदेश के अनुसार निषेधाज्ञा क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा, जुलूस, प्रदर्शन और सार्वजनिक जमावड़े पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

निषेधाज्ञा का दायरा पूर्व में प्रतिमा चौक-बसपार्क बाइपास रोड, पश्चिम में तिलावे पुल, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इससे पहले सुनसरी गोलीकांड के विरोध में सोमवार शाम वीरगंज में विभिन्न हिंदू संगठनों ने जुलूस निकाला था। बुधवार की शाम व्यापक मशाल जुलूस निकाला गया।गहवामाई मंदिर से निकला विरोध जुलूस घंटाघर चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी, हालांकि स्थिति बाद में नियंत्रित कर ली गई।

उधर, सुनसरी की घटना के बाद जनकपुर में कर्फ्यू, वीरगंज में निषेधाज्ञा और लहान में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मधेश प्रदेश के विभिन्न जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस, सशस्त्र प्रहरी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि सुनसरी जिले के देवागंज में श्रावणी मेले के दौरान मंदिर परिसर में डीजे पर भजन बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई, जबकि करीब दस लोग घायल हुए। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और इसका असर अब मधेश प्रदेश के कई जिलों में भी दिखाई देने लगा है।(रिपोर्ट:पीके गुप्ता)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!