
बाटा चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा के प्रमुख व्यापारिक और अंतरराष्ट्रीय आवागमन मार्ग रक्सौल-वीरगंज मेन रोड पर लगातार लगने वाले जाम को खत्म करने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मंगलवार को बाटा चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सहायक समाहर्ता राज कृष्ण झा, रक्सौल अनुमंडल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाने, मुख्य मार्गों पर नियमित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने तथा सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ लगातार जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क को हर हाल में आवागमन के लिए सुगम बनाया जाए।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने ट्रैफिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी ट्रैफिक वर्दी में रहेंगे और वाहन चालकों को यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा का पालन कराएंगे। आवश्यकता पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस ट्रॉली लगाकर भी यातायात नियंत्रित किया जाएगा।
रक्सौल-वीरगंज मार्ग भारत और नेपाल के बीच सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय संपर्क मार्गों में शामिल है। यही सड़क दिल्ली से काठमांडू को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग का हिस्सा है। प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, यात्री वाहन और सीमा पार आने-जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। बाटा चौक से रक्सौल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाला मार्ग भी यहीं से निकलता है। रेलवे फाटक के बार-बार बंद होने, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लगता है।
लगातार जाम का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जाम के कारण नेपाली ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे बाजार की व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
प्रशासन की नजर में बाटा चौक से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क किनारे संचालित अवैध सटही काउंटर, अस्थायी फुटपाथी दुकानें, ठेले-खोमचे और अनियोजित पार्किंग जाम की प्रमुख वजह हैं। इसी मार्ग पर बने डिवाइडर के सौंदर्यीकरण के लिए हाल ही में टेंडर भी जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन को उम्मीद है कि अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत करने और सड़क सुधार के संयुक्त प्रयास से रक्सौल की वर्षों पुरानी जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी।
