
रक्सौल।(Vor desk)। प्रस्तावित रक्सौल हवाई अड्डा निर्माण परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक प्राप्त नहीं करने वाले रैयत किसानों के लिए जिला प्रशासन ने अंतिम अवसर उपलब्ध कराया है। जिला भू-अर्जन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन भू-स्वामियों और रैयतों ने अब तक मुआवजा राशि के लिए दावा प्रस्तुत नहीं किया है या उनकी प्रक्रिया अधूरी है, वे निर्धारित विशेष कैंप में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि प्रभावित रैयतों की सुविधा के लिए विशेष कैंप का आयोजन नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह मंगलवार, बुधवार और शुक्रवार को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्राप्त करने के लिए यह अंतिम अवसर होगा। यदि इसके बाद भी संबंधित रैयत अपना दावा प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उनकी मुआवजा राशि नियमानुसार लारा कोर्ट (LARA Court) में जमा कर दी जाएगी।
मुआवजा प्रक्रिया पूरी होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपी जाएगी जमीन
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि लंबित मुआवजा मामलों के निपटारे और राशि को लारा कोर्ट में जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिग्रहित भूमि का विधिवत हस्तांतरण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को कर दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि रक्सौल हवाई अड्डा निर्माण कार्य और प्रस्तावित रनवे के विकास में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।
उन्होंने सभी प्रभावित रैयत किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित दिनों में विशेष कैंप में पहुंचकर आवश्यक भू-अभिलेख, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात जमा कर अपनी मुआवजा प्रक्रिया को समय रहते पूरा करा लें।
भूमि विवादों के शत-प्रतिशत निपटारे पर प्रशासन का जोर
रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण कार्य की निगरानी प्रशासनिक स्तर पर लगातार की जा रही है। इस कार्य में रक्सौल अंचलाधिकारी अरविंद कुमार, जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान सहायक अजीत कुमार समेत कई राजस्व पदाधिकारी, अंचल कर्मी और तकनीकी विशेषज्ञ जुटे हुए हैं।
प्रशासन का प्रयास है कि हवाई अड्डा निर्माण शुरू होने से पहले जमीन से जुड़े सभी दावों, विवादों और मुआवजा संबंधी मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
काम में बाधा पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रक्सौल हवाई अड्डा निर्माण परियोजना को निर्धारित समय सीमा में आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। ऐसे में परियोजना कार्य में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करने या प्रशासनिक कार्य में व्यवधान डालने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना को सीमावर्ती क्षेत्र के विकास और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन चाहता है कि मुआवजा से संबंधित सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा कर निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ किया जा सके।
