Saturday, July 4

चीखों, आंसुओं और भारी सुरक्षा के बीच सातवीं के छात्र सोनू का अंतिम संस्कार; कथित प्रेम संबंध और हत्या की साजिश के एंगल पर जांच तेज, दोषियों को फांसी देने की उठी मांग

रक्सौल/भेलाही/सिकटा।(Vor desk)। पश्चिम चंपारण के चर्चित छात्र सोनू कुमार पटेल (14) हत्याकांड ने शुक्रवार को एक बार फिर भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब सोनू का शव रक्सौल प्रखंड के भेलाही गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों की चीख-पुकार, ग्रामीणों की उमड़ी भीड़ और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सातवीं कक्षा के छात्र का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने दोषियों को फांसी देने तथा मामले में त्वरित न्याय की मांग की।

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए रक्सौल सहित आसपास के कई थानों की पुलिस टीमों को गांव में तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पूरे दिन गांव में गम, गुस्सा और बेचैनी का माहौल बना रहा।

स्कूल से लौटते समय लापता हुआ था सोनू, तिलावे नदी किनारे मिला शव

जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण के कंगली थाना क्षेत्र के इनरवा गांव निवासी तथा पूर्वी चंपारण के भेलाही बाजार से जुड़े परिवार के छात्र सोनू कुमार पटेल, पिता दीनानाथ पटेल, बीते 30 जून को स्कूल से घर लौटने के दौरान लापता हो गए थे। बाद में उनका शव पूर्वी चंपारण स्थित तिलावे नदी तट के समीप झाड़ियों से बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे सीमावर्ती क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य आरोपी समशुल अंसारी उर्फ पोपिया, उसके पिता मुस्लिम अंसारी, अजय कुमार उर्फ सागर, साहिल कुमार, आदित्य कुमार तथा एक विधि-विरुद्ध किशोर शामिल हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद करने का दावा किया है।

कथित प्रेम संबंध, पारिवारिक विरोध और हत्या की साजिश के एंगल पर जांच

पुलिस की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर यह तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपित समशुल अंसारी उर्फ पोपिया का मृतक सोनू की छोटी बहन से संपर्क था। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपित ने कथित रूप से अपनी पहचान छिपाकर और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर मृतक के परिवार से निकटता बढ़ाई थी। जब उसकी वास्तविक पहचान सामने आई, तब परिवार ने इस संबंध का विरोध किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनू भी इस संबंध का विरोध करता था। जांच एजेंसियां इस संभावना की जांच कर रही हैं कि पारिवारिक विरोध और संबंधों को लेकर उत्पन्न विवाद हत्या की कथित साजिश का कारण हो सकता है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हत्या के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

बेहोश कर हत्या किए जाने की आशंका

प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि सेनवरिया स्थित निजी विद्यालय से पढ़ाई कर लौट रहे सोनू को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया। जांच में यह भी संभावना व्यक्त की गई है कि उसे कोई नशीला पदार्थ दिया गया, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को तिलावे नदी क्षेत्र में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर शव बरामद करने की बात कही है।

“मेरे बेटे का कसूर क्या था?”—मां के सवाल ने सबको रुलाया

शुक्रवार को जैसे ही सोनू का शव गांव पहुंचा, परिवार का दर्द फूट पड़ा। मां शारदा देवी बार-बार बिलखते हुए पूछती रहीं—”मेरे बेटे का कसूर क्या था?” उनके इस सवाल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। लोग परिजनों को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, लेकिन पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना रहा।

बुझ गया घर का आखिरी चिराग

सोनू चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। परिवार पहले ही एक बड़े बेटे को खो चुका था। बड़े भाई मनीष पटेल की बेंगलुरु में मजदूरी के दौरान एक भवन की दीवार गिरने से मौत हो गई थी।तब भी हत्या का आरोप लगा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन की शादी के सपने संजोए परिवार का सबसे छोटा बेटा अब हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। लगातार दो बेटों को खोने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है।एक ताजा वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमे मृतक की माँ इसे हत्या बताते हुए इंसाफ मांग रही है।हत्या का आरोप एक जाति विशेष और पट्टीदार पर लगा रही है ।लेकिन,इसकी पुष्टि vor नहीं करती।

दोषियों को फांसी देने की मांग

ग्रामीणों और परिजनों ने इस घटना को बेहद बर्बर और सुनियोजित अपराध बताते हुए दोषियों को कठोरतम सजा, यहां तक कि फांसी दिए जाने की मांग की है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग उठाई है।

सीमावर्ती इलाके में तनाव, पुलिस सतर्क

घटना के बाद पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं—हत्या के कारण, आरोपितों की भूमिका, कथित संबंधों और अन्य परिस्थितियों—की गंभीरता से जांच की जा रही है।

एक मासूम छात्र की दर्दनाक मौत ने न केवल एक परिवार से उसका सहारा और भविष्य छीन लिया है, बल्कि पूरे सीमावर्ती समाज को झकझोर दिया है। अब हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर 14 वर्षीय सोनू को इतनी भयावह साजिश का शिकार क्यों बनना पड़ा? जवाब की तलाश पुलिस कर रही है, जबकि परिवार और समाज न्याय की प्रतीक्षा में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!