
क्रूरता की हदें पार: पच्चीस से तीस वर्ष के बीच है मृतका की उम्र, साक्ष्य मिटाने के लिए अपराधियों ने ईंट-पत्थरों से बिगाड़ा चेहरा; सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका, मोतिहारी से बुलाई गई FSL की टीम।
रक्सौल।(Vor desk)
सीमावर्ती रक्सौल प्रखंड के हरदिया पंचायत अंतर्गत गम्हरिया गांव के समीप रविवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रेलवे लाइन के किनारे एक अज्ञात युवती का क्षत-विक्षत और खौफनाक स्थिति में शव बरामद हुआ। मृतका की उम्र करीब 25 से 30 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव की भयावह स्थिति को देखते हुए यह साफ प्रतीत हो रहा है कि अपराधियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए युवती की बेरहमी से हत्या की और पहचान छुपाने के लिए उसके चेहरे को बुरी तरह विकृत कर दिया।
हाथ-पैर बंधे थे, सरेह में फेंकी गई थी लाश
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे लाइन से सटे सरेह (खेत) में एक शव पड़े होने की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो वहां का नजारा देख हर कोई स्तब्ध रह गया। अपराधियों ने युवती के हाथ और पैर को कपड़ों से कसकर बांध रखा था। वहीं, शिनाख्त मिटाने के उद्देश्य से उसके चेहरे को ईंट-पत्थरों से बेरहमी से कुचल दिया गया था।
घटनास्थल के हालातों को देखकर यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या किसी अन्य स्थान पर सुनियोजित तरीके से की गई और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को यहाँ लाकर फेंक दिया गया। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोरों पर है कि मर्डर से पहले युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है।
सीमावर्ती थानों की पुलिस अलर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी FSL
सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही रक्सौल और पलनवा थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और तुरंत पूरे इलाके को कार्डन ऑफ (घेराबंदी) कर दिया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय मोतिहारी से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेष तकनीकी टीम को बुलाया गया है, जो घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है।
क्या कहते हैं।थानाध्यक्ष :
“शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मृतका की शिनाख्त पुलिस के लिए पहली प्राथमिकता है। इसके लिए रक्सौल और पलनवा सहित आसपास के सभी सीमावर्ती थानों में हाल के दिनों में दर्ज हुई गुमशुदगी (Missing) की रिपोर्ट और विज्ञापनों का मिलान किया जा रहा है।पुलिस हर पहलू पर गहन तफ्तीश कर रही है।”
— रमेश कुमार महतो, रक्सौल थानाध्यक्ष
