
जीरो टॉलरेंस’ और ‘राइट टू रिकॉल’ की मांग के बीच सियासी हलचल तेज!
काठमांडू।(Vor desk)।नेपाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।नेपाल के गृहमंत्री सुदान गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह कदम बिजनेसमैन दीपक भट्टा के साथ कथित संबंधों को लेकर उठे विवाद और मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बीच सामने आया है। नेपाली मीडिया के अनुसार, भट्टा के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है।
इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार को बने अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ है। 5 मार्च को हुए चुनाव के बाद 8 मार्च को परिणाम घोषित हुए थे और 27 मार्च को शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
सरकार बनने के एक महीने के भीतर दूसरा इस्तीफा
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी सरकार के गठन के बाद यह दूसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले श्रमिक मंत्री दीपक कुमार शाह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटाया गया था।वे मधेश प्रदेश से हैं।
महज एक महीने के भीतर सरकार में लगातार उठापटक से राजनीतिक अस्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। नेपाल की राजनीति में अस्थिरता और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर दी सफाई, नैतिकता को बताया सर्वोपरि
गुरुंग ने फेसबुक के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और हितों के टकराव से बचने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा कि उनके लिए पद से बड़ी नैतिकता और लोक आस्था है। हाल के दिनों में उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने खुद को जांच से अलग रखने की बात कही।
उन्होंने ‘जनरल जेड आंदोलन’ का जिक्र करते हुए पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया और मीडिया, युवाओं व आम नागरिकों से ईमानदारी और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने की अपील की।
कंपनी में निवेश को लेकर विवाद
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग Star Micro Insurance में शेयरधारक हैं। इस कंपनी में दीपक भट्टा के अलावा बिजनेसमैन सुलव अग्रवाल की भी हिस्सेदारी बताई जा रही है, जो जगदंबा होल्डिंग्स और शंकर ग्रुप से जुड़े हैं। कंपनी के शुरुआती शेयर रजिस्टर में गुरुंग का नाम 49वें नंबर पर दर्ज है, जिसमें करीब 25 लाख नेपाली रुपये का निवेश बताया गया है।
2022 में लाइसेंस प्राप्त इस माइक्रो इंश्योरेंस कंपनी ने अभी तक आईपीओ जारी नहीं किया है। इसके निवेशकों में भट्टा की इनफिनिटी होल्डिंग्स और अग्रवाल से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।
संपत्ति विवरण छुपाने के आरोप, गुरुंग का इनकार
गुरुंग पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने अपने आधिकारिक संपत्ति विवरण में इस निवेश का जिक्र नहीं किया। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 20 मिलियन रुपये से अधिक के उनके सभी निवेश काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की वेबसाइट पर घोषित हैं और संबंधित कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी भी पारदर्शी तरीके से दर्ज है।
‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘राइट टू रिकॉल’ की उठी मांग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और राजनीतिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ‘राइट टू रिकॉल’ (जनता द्वारा प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार) की मांग तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार हो रहे विवाद सरकार की साख पर असर डाल सकते हैं।
नेपाल की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रमों ने साफ कर दिया है कि नई सरकार के सामने पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
