
वीरगंज।(Vor desk)। 18 April 2026
नेपाल के प्रवेश द्वार वीरगंज के लिए आज की रात ‘कयामत की रात’ जैसी है। पिछले 13 वर्षों से रुका हुआ मेनरोड विस्तार का काम कल रविवार की सुबह से हकीकत बनने जा रहा है। जिला प्रशासन और सड़क डिभिजन कार्यालय हेटौंडा के निर्णय के बाद, कल सुबह 4:30 बजे से गण्डक चौक से लेकर मैत्री पुल (शंकराचार्य गेट) तक के 50 मीटर (दाएं-बाएं 25-25 मीटर) के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए 13 डोजर एक साथ मैदान में उतरेंगे।

सिसकियां, शोर और सड़कों पर बिखरा सामान
शहर में लगातार हो रही माइकिंग ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वीरगंज के आदर्शनगर, माईस्थान, घण्टाघर और बिर्ता क्षेत्र में हृदय विदारक दृश्य देखने को मिल रहे हैं। लोग भारी मन से अपने ही हाथों से अपने सपनों के घर और आजीविका के केंद्र (दुकानें) खाली कर रहे हैं।
- भारी छूट की होड़: दोपहर से ही व्यापारियों ने अपना स्टॉक बचाने के लिए सामान को 50% तक के डिस्काउंट पर बेचना शुरू कर दिया। बाजार में खरीदारों की भीड़ तो थी, लेकिन दुकानदारों की आंखों में आंसू थे।
- अस्त-व्यस्त जीवन: सड़कों पर ट्रक, ठेले और ट्रैक्टरों का तांता लगा है। लोग रातों-रात अपना कीमती सामान सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

आर-पार की लड़ाई: “जान दे देंगे पर जमीन नहीं”
इस विध्वंस के विरोध में संघर्ष समिति ने भी मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय लोगों के आक्रोश का नेतृत्व कर रहे वार्ड पार्षद जवाहर प्रसाद गुप्ता ने इस कदम को घोर अमानवीय करार दिया है।
जवाहर प्रसाद गुप्ता ने कहा: “बिना उचित मुआवजे और विकल्प के हजारों लोगों को बेघर करना सरासर जुल्म है। प्रशासन की यह ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम इस कदम का डटकर प्रतिकार करेंगे और इसके लिए हम अपनी जान देने को भी तैयार हैं।”
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बल प्रयोग किया गया, तो स्थिति हिंसक हो सकती है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा गुस्सा व्याप्त है।

मेयर की अपील: “विकास के लिए साथ दें”
एक तरफ जहाँ जनता त्राहि-त्राहिम कर रही है, वहीं मेयर राजेश मान सिंह ने इसे वीरगंज के भविष्य के लिए अनिवार्य बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपील करते हुए कहा कि वीरगंज के सुनियोजित विकास और अंतरराष्ट्रीय मानकों की सड़क के लिए सभी नागरिकों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार की जा रही है और महानगरपालिका सड़क विभाग को पूरा समर्थन देगी।

महत्वपूर्ण तथ्य और आंकड़े
प्रशासन ने इस अभियान के लिए व्यापक तैयारी की है।प्रशासन ने शनिवार शाम एक बैठक भी की।इसके तहत कुल13 डोजर(जेसीबी )मंगाए गए हैं, जिसमें 9 सड़क डिभिजन के और 4 महानगरपालिका के हैं।बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।
प्रभावित संरचना इस अभियान में लगभग 1,200 निजी घर और 29 सरकारी भवन ढहाए जाएंगे।दायरा: सड़क के मध्य भाग से दोनों ओर 25-25 मीटर भूमि खाली कराई जाएगी।
इतिहास: यह विवाद पिछले 13 साल से कोर्ट में लंबित था, जिसका फैसला सरकार के पक्ष में आया,जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत यह अभियान चलाया जाएगा।
वीरगंज के हजारों व्यापारियों और निवासियों के लिए आज की रात भारी है। विकास और विनाश के बीच की इस महीन रेखा पर खड़े सैकड़ों परिवारों के पास अब केवल आंसू और अनिश्चित भविष्य है। क्या कल का सूरज वीरगंज के लिए नई प्रगति लाएगा या एक गहरे जख्म की शुरुआत करेगा, यह कल सुबह के कुछ घंटे तय कर देंगे।
