
मोतिहारी/रक्सौल।(Vor desk)। पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के कड़े निर्देश पर जिले के सीमावर्ती प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक सघन जांच अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत रक्सौल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मनीष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद ने कई उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिससे खाद माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने आदापुर प्रखंड के यमुनापुर स्थित मेसर्स विजय खाद बीज भंडार और श्यामपुर चौक स्थित विजय खाद भंडार के गोदामों की गहन जांच की। जांच के दौरान स्टॉक में भारी अनियमितता उजागर हुई; पीओएस (पाॅस) मशीन में प्रदर्शित उर्वरक की मात्रा और गोदाम में भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया। स्टॉक मिलान न होने और सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उक्त प्रतिष्ठानों के गोदामों को सील कर दिया है। इन उर्वरक केंद्रों के संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उर्वरक की कालाबाजारी के साथ-साथ सीमा पार तस्करी पर भी सुरक्षा बलों ने कड़ा प्रहार किया है। महुआवा में एसएसबी (SSB) की टीम ने तस्करी की नीयत से ले जाई जा रही यूरिया की एक बड़ी खेप पकड़ी है, जिसमें लगभग 55 बैग यूरिया जब्त किया गया है। तस्कर इन बैगों को अवैध तरीके से सीमा पार भेजने की फिराक में थे।
इसी क्रम में, जीतना थाना पुलिस ने भी गुप्त सूचना के आधार पर बनकटवा नहर के समीप छापेमारी कर दो बाइकों पर लदे आठ बैग यूरिया को बरामद किया। पुलिस ने यूरिया के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त दोनों मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है। प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में उर्वरक की कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों और तस्करी में संलिप्त सिंडिकेट को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग इस मामले में संलिप्त अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटे हैं।
