
रक्सौल।(Vor desk)। सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय नशीली दवाओं के सिंडिकेट के विरुद्ध रक्सौल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ मनीष आनंद के निर्देश पर की गई इस प्रभावी कार्रवाई में पुलिस ने 2250 पीस प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की खेप बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह में शामिल कुल चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अभियान की जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष सह आईपीएस अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बाइक की टंकी के भीतर नशीली दवाएं छिपाकर बाईपास रोड के रास्ते नेपाल ले जाने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिजली कार्यालय के पीछे घेराबंदी कर वाहनों की सघन तलाशी शुरू की। इसी दौरान नेपाली नंबर की बाइक पर आ रहे एक संदिग्ध ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, जिसे जवानों ने खदेड़कर पकड़ लिया। जब बाइक की गहनता से जांच की गई, तो टंकी को काटकर बनाए गए गुप्त केबिन से फेनारग और डायजेपाम जैसे प्रतिबंधित इंजेक्शनों का जखीरा बरामद हुआ। पकड़े गए तस्कर की पहचान नेपाल के कलैया निवासी हेमनारायण महतो के तौर पर हुई है।
गिरफ्तार तस्कर से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने सुगौली के हरिजन टोला स्थित एक किराए के मकान पर दबिश दी। वहां से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद करते हुए दूसरे आरोपी अफजल मियां उर्फ शालू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस अवैध कारोबार में गोपालगंज निवासी राजा साहिल और वकिल मियां की भी संलिप्तता पाई गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का मानना है कि भारत-नेपाल की खुली सीमा और वहां इन दवाओं की भारी मांग के कारण तस्कर ऊंचे मुनाफे के लालच में इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार इन पर नकेल कस रही है, लेकिन तस्करी के नए-नए तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती पेश कर दी है।(रिपोर्ट:श्रेयांश कुमार बिट्टू)
