
अस्पताल की स्थापना से ही थे पदस्थापित, गृह जिले में हुआ तबादला; उपाधीक्षक डॉ. स्वाती सपन ने दुशाला और उपहार देकर किया सम्मानित
रक्सौल। (Vor Desk)। किसी संस्थान की पहचान सिर्फ उसकी इमारत और सुविधाओं से नहीं, बल्कि उसे अपनी मेहनत और सेवा से संवारने वाले कर्मियों से भी बनती है। अनुमंडलीय अस्पताल रक्सौल में करीब छह वर्षों तक मरीजों की सेवा करने वाली दस स्टाफ नर्स ग्रेड-ए की विदाई के मौके पर शुक्रवार को कुछ ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला। अस्पताल की स्थापना और शुभारंभ के समय से ही यहां पदस्थापित इन नर्सों का बिहार सरकार ने उनके गृह जिलों में स्थानांतरण कर दिया है। विदाई समारोह में सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों को याद किया और नम आंखों से विदा किया।
अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. स्वाती सपन ने सभी दस नर्सों को दुशाला ओढ़ाकर और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की स्थापना से लेकर अब तक इन कर्मियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। करीब छह वर्षों तक इन्होंने मरीजों की देखभाल के साथ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाई। कोरोना संक्रमण के कठिन दौर में भी इन सभी ने पूरी निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ मरीजों की सेवा की। ऐसे समर्पित सहकर्मियों का अस्पताल से जाना पूरे परिवार के लिए भावुक क्षण है। उन्होंने सभी के स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना की।
स्थानांतरित होने वाली नर्सों में अभय कुमार, अरशद आलम, अमरजीत वर्मा, मंटूस कुमार, हरिनंदन शर्मा, रूबी कुमारी, अर्चना कुमारी, वीणा कुमारी, गायत्री कुमारी और दरक्क्ष फारूकी शामिल हैं।
समारोह में मेडिकल ऑफिसर डॉ. विजय कुमार,डा अजय कुमार, डॉ. शशि रंजन कुमार, आईसीटीसी काउंसलर डॉ. प्रकाश मिश्रा, स्वास्थ्य प्रबंधक आशीष कुमार, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक जय प्रकाश कुमार ,एकाउंटेंट शिल्पी कुमारी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद इकराम सहित अस्पताल के सभी पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। सहकर्मियों ने नर्सों के साथ काम के दौरान के अनुभव साझा किए और उनके योगदान को याद किया। सम्मान और शुभकामनाओं के बीच सभी दस नर्सों को नए कार्यस्थल पर बेहतर सेवा तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विदाई दी गई।
