
बाल शोषण, बाल विवाह और बाल मजदूरी से बचाव के बताए उपाय, हेल्पलाइन नंबरों की भी दी गई जानकारी
रक्सौल, (Vor desk)। बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को उच्चीकृत उच्च विद्यालय, जोकियारी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी के ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में करीब 110 छात्र-छात्राओं को बाल शोषण, बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया।
26 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी और माहेर ममता निवास, कनना, रक्सौल के संयुक्त प्रयास से किया गया। इस दौरान माहेर ममता निवास के परियोजना प्रभारी बिरेन्द्र कुमार ने बच्चों को गुड टच-बैड टच, बाल यौन शोषण तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के प्रावधानों की जानकारी दी।
बच्चों को बताया गया कि किसी भी असुरक्षित परिस्थिति या दुर्व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों से मदद लेनी चाहिए। उन्हें बाल अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी भी दी गई।
आयोजकों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण और दुर्व्यवहार से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में सहयोग देना है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों को समझने और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
