
रक्सौल (vor desk)। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित व्यापक शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया के प्रथम चरण के तहत रक्सौल प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में नए शिक्षकों के योगदान का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार को दर्जनों प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में नवपदस्थापित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने औपचारिक रूप से अपना योगदान पत्र समर्पित किया। इस नए समायोजन से क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था में भी नई ऊर्जा और गति आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
प्रक्रिया के तहत शहर के ऐतिहासिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राष्ट्रीय गाँधी में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी टीआरई-1) से चयनित सहायक अध्यापिका स्वाति भारती ने प्रधान शिक्षक मुनेश राम को अपना योगदान पत्र प्रस्तुत किया। इसी प्रकार रामरती कन्या प्राथमिक विद्यालय में नसीमा खातून ने प्रधान शिक्षक ब्रजकिशोर प्रसाद के समक्ष योगदान दिया। उधर, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में शिक्षक धीरेन्द्र कुमार एवं अनिता कुमारी ने प्रभारी प्रधानाध्यापक वेद प्रकाश प्रसाद को अपना योगदान पत्र सौंपा। इसके अलावा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिसवा (बालक) में अंजली कुमारी समेत अन्य कई शिक्षकों ने अपने-अपने पदस्थापित संस्थानों में कार्यभार ग्रहण किया।
गौरतलब है कि विभाग स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पहले चरण में अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों के समायोजन के साथ ऐच्छिक जिला अंतर्गत स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई है। मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) प्राण रंजन प्रसाद ने बताया कि स्थानांतरण और नए पदस्थापन से विद्यालयों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और गतिविधि आधारित शिक्षा देने में सुगमता होगी।
